लंबित मांगों को लेकर एसटी कर्मचारियों का आंदोलन

घंटानाद और महाआरती कर सरकार का ध्यान खींचा

अमरावती/दि.16- महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के कर्मचारियों ने अपनी लंबित वित्तीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. एसटी कर्मचारी संगठनों की संयुक्त कृती समिति के आह्वान पर सोमवार को अमरावती के केंद्रीय बस स्टैंड परिसर में कर्मचारियों ने एकत्र होकर घंटानाद और महाआरती के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया.
संयुक्त कृती समिति ने राज्य सरकार से एसटी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान और 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू करने की मांग की है. इसके अलावा वर्ष 2016 से वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को पुनः 3 प्रतिशत करने, वर्ष 2018 से लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने तथा एसटी महामंडल के लिए स्वतंत्र बजट की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई. आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है. इसी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है. केंद्रीय बस स्टैंड के सामने आयोजित आंदोलन में एसटी कर्मचारी संगठनों के अनेक पदाधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए. इस दौरान संयुक्त कृती समिति के प्रतिनिधियों ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की तथा चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
कार्यक्रम में एसटी कर्मचारी संगठन के विभागीय अध्यक्ष नंदू नवाथे, विभागीय सचिव मोहीम देशमुख, महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के विभागीय अध्यक्ष संदीप मुले, सचिव जयंत मुले, एसटी कामगार सेना के बालासाहेब राणे, किशोर हेरोड, दिनेश शालके, मोहन टेकाडे, जय चव्हाण, अभिजीत बोके, एस.एन. देशमुख, ए.एस. भालचक्र, शीतल मोहोड, मंगेश मोरे, लतिका महाजन, चंचल अठावले, मीना मुन्हेकर, आर.आर. उइके सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे.

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