पाइपलाइन फटने से 6 हजार परिवारों की जलापूर्ति ठप
मरम्मत कार्य जारी, वल्लभ नगर, आनंद नगर परिसर के नागरिक पानी के अभाव में परेशान

अमरावती /दि.16 – शहर के घनी आबादी वाले पार्वती नगर क्षेत्र में जलाशय से घरों तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से करीब 6 हजार परिवारों और लगभग 25 हजार नागरिकों की जलापूर्ति प्रभावित हो गई है. सोमवार को अचानक आई इस तकनीकी खराबी के कारण पार्वती नगर, वल्लभनगर, छाया कॉलोनी, आनंदनगर और गडगडेश्वर क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति बंद रही. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इसे मंगलवार देर रात तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, मरम्मत के दौरान कोई अतिरिक्त तकनीकी समस्या सामने आने पर काम में और विलंब हो सकता है.
* डेढ़ मीटर गहराई में लीकेज
अधिकारियों ने बताया कि जलाशय से घरों तक पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन में जमीन के भीतर लगभग डेढ़ मीटर गहराई पर स्थित ‘डक फुट बेंड’ हिस्से में रिसाव हुआ है. इसी स्थान पर ऊर्ध्वाधर पाइप और क्षैतिज पाइप का जोड़ है, जहां से पानी का रिसाव होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई. लीकेज के चलते जलाशय के आसपास का क्षेत्र दलदली हो गया है, जिससे मरम्मत कार्य में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों को पहले पानी और कीचड़ हटाकर वास्तविक मरम्मत कार्य तक पहुंचना पड़ रहा है.
* नागरिकों को करना पड़ रहा वैकल्पिक इंतजाम
जलापूर्ति बंद रहने से प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा. कई परिवारों ने पहले से संग्रहित पानी का उपयोग किया, जबकि अन्य लोगों को वैकल्पिक स्रोतों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी.
* पुराने पाइप बन रहे परेशानी की वजह
गौरतलब है कि अमरावती और बडनेरा शहर को मोर्शी स्थित ऊपरी वर्धा बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है. कुछ दिनों पहले डावरगांव के पास 30 वर्ष पुरानी मुख्य जलवाहिनी फटने से भी शहर की जलापूर्ति प्रभावित हुई थी. उस समय भी पार्वती नगर, साई नगर और गोपाल नगर क्षेत्रों में सबसे अधिक असर देखा गया था.
* 36 घंटे में काम पूरा करने का प्रयास
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के उपविभागीय अधिकारी संजय लेवरकर ने बताया कि मरम्मत कार्य लगातार जारी है और कर्मचारियों को दिन-रात काम करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह काम मशीनों की बजाय मुख्य रूप से मानव श्रम से किया जा रहा है, इसलिए इसमें समय लग रहा है. नागरिकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है. अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत पूरी होने तक प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहेगी और नागरिकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी.





