पत्नी ने प्रेमी के साथ रची थी मौत की साजिश

आखिरकार डेढ़ महीने बाद सामने आया सनसनीखेज सच

* 28 अप्रैल की रात 1.30 बजे वारदात को दिया गया था अंजाम
* दो दिन पहले से तैयार था हत्या करने व लाश छिपाने का पूरा प्लान
* पूरे परिसर की रात के समय पहले ही की जा चुकी थी रेकी
* लाश छिपाने के लिए भी पहले से तय कर ली गई थी जगह
* रियाज की पत्नी सहित उसका प्रेमी बाबू उर्फ इकराम हिरासत में
अमरावती/ दि. 16- स्थानीय नागपुरी गेट थाना क्षेत्र के पठान चौक परिसर स्थित एक बंद पड़े अस्पताल की पानी की टंकी में मिली सड़ी-गली लाश के मामले में करीब डेढ माह बाद अपराध शाखा ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है. जिस लाश की पहचान करने में पुलिस को लगभग एक माह लग गया, उसी मामले में अब सामने आया है कि मृतक अब्दुल रियाज की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी. हत्या की पूरी साजिश पहले से तैयार थी और शव को ठिकाने लगाने की योजना भी वारदात से दो दिन पहले बना ली गई थी.जिसके बाद 28 अप्रैल की रात 1.30 बजे के आसपास हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था और अब्दुल रियाज के शव को बोरे में भरकर पठान चौक के पास स्थित बंद पडे अस्पताल की छत पर बनी पानी की टंकी में डाल दिया गया था. ताकि इसकी किसी को कानोकान खबर न हो.
* लाश की 27 दिन तक नहीं हो सकी थी पहचान
बता दें कि 13 मई को बंद पड़े अस्पताल की छत पर स्थित पानी की टंकी से तेज दुर्गंध आने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी. जांच के दौरान टंकी से एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान संभव नहीं हो पा रही थी. पुलिस ने जिले और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच शुरू की. कई परिवारों से संपर्क किया गया और डीएनए नमूने एकत्र किए गए. अंततः डीएनए परीक्षण के आधार पर शव की पहचान अब्दुल रियाज के रूप में हुई.
* हत्या से पहले की गई थी पूरी रेकी
इस मामले में अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि हत्या कोई आवेश में किया गया अपराध नहीं था, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी. आरोपियों ने दो दिन पहले ही हत्या और शव छिपाने की योजना तैयार कर ली थी. बंद पड़े अस्पताल को इसलिए चुना गया, क्योंकि वहां लोगों की आवाजाही बेहद कम थी. आरोपियों ने रात के समय कई बार अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके की रेकी की तथा पानी की टंकी को शव छिपाने के लिए सुरक्षित स्थान माना.
* दो दिन तक टलती रही वारदात
सूत्रों के अनुसार, हत्या की मूल योजना पहले ही बना ली गई थी, लेकिन अस्पताल परिसर में रात के समय कुछ लोगों की मौजूदगी के कारण आरोपी अपना प्लान अमल में नहीं ला सके. दो रात तक मौका नहीं मिलने के कारण उन्होंने इंतजार किया. तीसरी रात जब परिसर पूरी तरह सुनसान मिला, तब उन्होंने अपने षड्यंत्र को अंजाम देने का फैसला किया.
* 28 अप्रैल की रात 1.30 बजे की गई हत्या
जांच में सामने आया है कि 28 अप्रैल की रात करीब 1.30 बजे अब्दुल रियाज को उसके घर के समीप घेर लिया गया. उस पर लाठियों से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार वारदात में उसकी पत्नी तथा पत्नी के प्रेमी बाबू उर्फ इकराम की भूमिका रही. हत्या के बाद शव को एक बोरे में भरा गया, ताकि उसे आसानी से ले जाया जा सके और किसी को संदेह न हो.
* बोरे में भरकर अस्पताल की छत तक पहुंचाया शव
हत्या के बाद दोनों आरोपी शव को लेकर बंद पड़े अस्पताल पहुंचे. वहां उसे सीढ़ियों के रास्ते छत तक ले जाया गया और पानी की टंकी में डाल दिया गया. आरोपियों को विश्वास था कि टंकी में पड़ा शव लंबे समय तक किसी की नजर में नहीं आएगा और पानी के कारण पहचान भी मुश्किल हो जाएगी. इसी वजह से उन्होंने यह स्थान चुना था. लेकिन हत्या के लगभग पंद्रह दिन बाद टंकी से दुर्गंध फैलने लगी. आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत की. जब पुलिस और संबंधित विभाग के कर्मचारी टंकी की जांच करने पहुंचे तो भीतर से शव बरामद हुआ. इसी बदबू ने उस अपराध का राज खोल दिया, जिसे आरोपी हमेशा के लिए दफन समझ बैठे थे.
* पत्नी और प्रेमी पर गहराया शक
शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने रियाज के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जांच शुरू की. जांच के दौरान उसकी पत्नी और पेशे से ऑटो चालक रहनेवाले बाबू उर्फ इकराम नामक युवक के बीच संबंधों की जानकारी मिली. मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर संदेह गहराता गया. इसके बाद पुलिस ने रियाज की पत्नी, उसके कथित प्रेमी बाबू उर्फ इकराम नामक दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया.
* अपराध शाखा की बड़ी कामयाबी
मामले की जांच कर रही अपराध शाखा के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना और हत्या के पीछे के आरोपियों तक पहुंचना था. डीएनए जांच, तकनीकी विश्लेषण, गुमशुदगी रिकॉर्ड और लगातार की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने में सफल रही. फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों तथा अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है. इस सनसनीखेज हत्याकांड ने न केवल शहर को झकझोर दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधी कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करें, वैज्ञानिक जांच और सतर्क पुलिसिंग के सामने अंततः सच सामने आ ही जाता है.

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