राज्य में 24-25 जून से सक्रिय होगा मानसून

देशभर में अब तक 41 फीसद कम हुई बारिश

अमरावती /दि.20– नैऋत्य मानसून इस समय महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्से में ही अटका हुआ है. जिसके चलते 4 से 18 जून की कालावधि के दौरान देशभर में औसत की तुलना में 41 फीसद बारिश की कमी रही. इस दौरान देशभर में 72.2 मिमी बारिश की अपेक्षा की जाती है. जिसकी तुलना में अब तक केवल 42.6 फीसद बारिश हुई है. वहीं विगत कुछ दिनों से बीच में ही अटके पडे मानसून की यात्रा अगले सप्ताह में यानी 24-25 जून से दोबारा गतिमान होने की पूरी उम्मीद हैं. जिसके बाद महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो पायेगा.

* कैसी रहेगी अगली यात्रा
विगत 8 जून को दक्षिण कोकण तथा दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में अपने तय समय पर मानसून दाखिल हुआ. जिसके चलते शेष महाराष्ट्र में 10 से 15 जून के आसपास तक बारिश शुरू होना अपेक्षित था. परंतु 17-18 जून तक मानसून की अगली यात्रा पूरी तरह से गडबडा गई. जिसके चलते राज्य में अब तक बारिश का अपेक्षित दौर शुरू नहीं हो पाया है.
– मानसून की उत्तर सीमा फिलहाल हर्णे, सोलापुर, हैदराबाद, रांची व मुज्जफरपुर क्षेत्रों से होकर गुजर रही है. जो फिलहाल पूरी तरह से स्थिर है. अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसून के तेलंगाना, उडिसा, झारखंड, बिहार व छत्तीसगढ के कुछ क्षेत्रों में आगे बढने हेतु स्थिति पूरी तरह से अनुकूल है.

* 22 जून तक छिटपुट बारिश
राज्य के अधिकांश इलाकों में 22 जून तक बिखरे हुए स्वरूप में छिटपुट बारिश होने की ही संभावना है. इस दौरान राज्य में अतिवृष्टि व मूसलाधार बारिश होने का फिलहाल कोई संकेत दिखाई नहीं दे रहा. न्यूमेरिकल बेदर मॉडल द्बारा दिए गये संकेतों के अनुसार 24 एवं 25 जून के आसपास कोकण पट्टी एवं महाराष्ट्र में बारिश के जोर में उल्लेखनीय वृध्दि होगी. साथ ही 25 से 28 जून के दौरान तटिय क्षेत्राेंं में अतिवृष्टि वाले बादल सक्रीय होते दिखाई देेंगे.

* देश के पश्चिमी तटिय क्षेत्रों में 24 जून से बारिश का जोर बढ सकता है. 26 व 27 जून के आसपास मानसून उत्तर कोकण में पहुंचेगा. साथ ही मुंबई में इस बार मानसून का आगमन विलंब से होगा. इसका असर विदर्भ क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है. जहां पर मानसून का आगमन 15 जून के आसपास होना अपेक्षित था. लेकिन अब तक विदर्भ क्षेत्र में अधिकारिक तौर पर मानसून का आगमन नहीं हुआ है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि विदर्भ क्षेत्र में भी 26-27 जून के आसपास ही मानसून का आगमन हो सकता है.
– प्रा. अनिल बंड, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी

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