भाजपा पर लाइन, कांग्रेस से शादी!

प्रकाश आंबेडकर का उद्धव ठाकरे गुट पर तीखा हमला

* छह सांसदों की बगावत पर बोले – अपने सांसद नहीं संभाल पाए तो ‘ऑपरेशन टायगर’ कैसा?
मुंबई/दि. 19- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों द्वारा बगावती रुख अपनाए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में मचे भूचाल के बीच वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने उद्धव ठाकरे गुट पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इसे ऑपरेशन टायगर बताना वास्तविकता से आंखें मूंदने जैसा है. यह दरअसल अपने ही सांसदों को साथ रखने में नेतृत्व की विफलता का परिणाम है.
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल अपने सांसदों और नेताओं को एकजुट नहीं रख सकता, तो उसे विरोधियों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट के कुछ नेता स्वयं भाजपा नेतृत्व से संपर्क साधते हैं, जबकि दूसरी ओर अपने कार्यकर्ताओं से पूर्ण निष्ठा की अपेक्षा रखते हैं. ऐसी दोहरी राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती.
* भाजपा पर लाइन और कांग्रेस से शादी
प्रकाश आंबेडकर ने ठाकरे गुट की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर भाजपा के साथ समीकरण साधने की कोशिश की जाती है और दूसरी ओर कांग्रेस के साथ गठबंधन भी बनाए रखा जाता है. इससे कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, एक तरफ भाजपा पर लाइन मारनी है और दूसरी तरफ कांग्रेस से विवाह करना है. यह दोहरा रवैया अब कार्यकर्ताओं को साफ दिखाई दे रहा है. आंबेडकर ने कहा कि आज का कार्यकर्ता राजनीतिक घटनाक्रम को अच्छी तरह समझता है. वह केवल नारों और भावनात्मक अपील के आधार पर निर्णय नहीं लेता. उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे गुट अब भी पुरानी राजनीतिक शैली में काम कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. उन्होंने कहा, कार्यकर्ता मूर्ख नहीं हैं. उन्हें सब दिखाई दे रहा है कि कौन किससे बातचीत कर रहा है और कौन किस दिशा में राजनीति कर रहा है.
* ‘बी टीम’ के आरोपों पर पलटवार
वर्षों से वंचित बहुजन आघाड़ी को भाजपा की बी-टीम कहकर घेरने वाले दलों पर भी प्रकाश आंबेडकर ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अब जनता के सामने वास्तविकता स्पष्ट हो रही है. जो लोग वर्षों से दूसरों पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाते रहे, आज उनके अपने नेता और जनप्रतिनिधि अलग रास्ता चुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब जनता स्वयं तय करेगी कि वास्तव में कौन किसकी बी टीम है.
* भाजपा और आरएसएस पर भी हमला
उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधने के साथ ही प्रकाश आंबेडकर ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ाने वाली नीतियां लागू की जा रही हैं. परिसीमन की प्रस्तावित प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक नुकसान दक्षिण भारत के राज्यों को होगा, जबकि राजनीतिक लाभ उत्तर भारत को मिलेगा. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रवाद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रवाद केवल नारों से नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों के साथ समान व्यवहार से सिद्ध होता है.
* महाराष्ट्र की राजनीति में और बढ़ सकता है टकराव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रकाश आंबेडकर की यह टिप्पणी केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि महाविकास आघाड़ी की आंतरिक राजनीति पर सीधा प्रहार है. छह सांसदों की बगावत के बाद शुरू हुआ सियासी संघर्ष आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ठाकरे गुट प्रकाश आंबेडकर के आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है और महाराष्ट्र की राजनीति में आगे कौन से नए समीकरण उभरकर सामने आते हैं.

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