फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर व्यापारी से लूटे 25 लाख रुपये
12 घंटे में पूरी रकम बरामद, खामगांव से दो आरोपी गिरफ्तार

* अकोला एलसीबी की बड़ी कामयाबी, 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सुलझाया मामला
अकोला/दि. 20- स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर एक व्यापारी से 25 लाख रुपये की नकदी लूटने वाले दो आरोपियों को अकोला की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी राशि बरामद कर मामले का तेजी से खुलासा किया है. इस त्वरित कार्रवाई को जिले की बड़ी पुलिस सफलता माना जा रहा है.
पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को बालापुर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 468/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. शिकायत में बताया गया कि खामगांव के एक व्यापारी को कुछ लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर रोका और कार्रवाई का भय दिखाकर उसके पास मौजूद 25 लाख रुपये की नकदी जबरन छीन ली. घटना की गंभीरता को देखते हुए अर्चित चांडक ने तत्काल स्थानीय अपराध शाखा को जांच के निर्देश दिए. उन्होंने पुलिस निरीक्षक नितीन लेव्हरकर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर अपराध का शीघ्र पर्दाफाश करने के आदेश दिए.
* तीन विशेष टीमों का गठन, दिन-रात चला ऑपरेशन
निर्देश मिलते ही एलसीबी ने तीन विशेष टीमों का गठन किया. लगभग 20 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, गोपनीय सूचनाओं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की. पुलिस ने खामगांव से बालापुर मार्ग तक लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की. लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही.
* खामगांव से दबोचे गए आरोपी
जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान हार्दिक मनोज कुमार गुरबानी (22 वर्ष) व साहिल नंदकिशोर नथ्थानी (25 वर्ष) के तौर पर की गई. दोनों आरोपियों को खामगांव क्षेत्र से हिरासत में लिया गया.
* पूरी नकदी सहित 27.50 लाख रुपये का माल बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लूट की पूरी 25 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर ली. इसके अलावा फरियादी का करीब 10 हजार रुपये मूल्य का एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोटरसाइकिलें और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. जब्त माल का कुल मूल्य लगभग 27 लाख 50 हजार रुपये बताया गया है.
* उत्कृष्ट कार्रवाई पर 25 हजार रुपये का रिवार्ड
मामले का खुलासा इतनी कम अवधि में करने पर पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने जांच दल की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के विशेष पुरस्कार की घोषणा की है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक तथा अपर पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी के मार्गदर्शन में की गई. ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक नितीन लेव्हरकर, सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश देशमुख, गोपाल जाधव, पुलिस उपनिरीक्षक माजिद पठाण सहित एलसीबी की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
* बढ़ रही है फर्जी अधिकारी बनकर ठगी की घटनाएं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों, पुलिस अथवा सरकारी अधिकारियों का नाम लेकर लोगों को धमकाने और ठगी करने के मामले बढ़े हैं. ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को जांच एजेंसी का अधिकारी बताने पर उसकी पहचान और वैध दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना नकदी या कोई भी मूल्यवान वस्तु नहीं सौंपनी चाहिए. फिलहाल मामले की आगे की जांच बालापुर पुलिस थाना द्वारा की जा रही है.





