फसल बीमा योजना से किसानों को किया दरकिनार

किसान आर्थिक संकट में

नांदगांव खंडेश्वर/दि.22 – लगातार फसल खराब होने, भारी बारिश, बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे तहसील के किसानों को साल 2025-26 की फसल बीमा योजना से दरकिनार कर दिया गया. जिससे किसान आर्थिक संकट में है और उनमें नाराजगी का माहौल है. सरकार का यह फैसला उन किसानों के लिए गलत है, जो पहले से ही आर्थिक संकट में है और उन्हें इस योजना से बाहर करना उनके जखमों पर नमक छिडकने जैसा है.
किसानों का आरोप है कि, तहसील के कई गांवों में जब फसले काफी हद तक खराब हो चुकी है, तब किसानों को बीमा योजना से वंचित रखना सरकार का अडियल और किसान विरोधी पॉलिसी का उदाहरण है. जब प्राकृतिक आपदाओं के कारण उत्पादन लागत बढी, आमदनी कम हुई और कर्ज का बोझ बढा, तो फसल बीमा किसानों की आखरी उम्मीद थी. लेकिन जब सरकार ने इसे भी छीन लिया, तो किसान हताश हो गए. किसान संगठनों और ग्रामवासियों ने इस संदर्भ में तुरंत दखल लेने की मांग की है अन्यथा आंदोलन की भी चेतावनी सरकार को दी है.

* फसल बीमा से वंचित रखना किसानों के साथ अन्याय
लगातार फसल खराब होने से पहले ही किसान मुश्किल में है. ऐसे में उन्हें फसल बीमा से वंचित रखना किसानों के साथ अन्याय है. सरकार को तुरंत इस फैसले पर फिर से सोचना चाहिए और तहसील के सभी किसानों को बीमा कवरेज देना चाहिए.
– किशोर राऊत
किसान, लोणी टाकली.

* सरकार सही फैसला लें
प्राकृतिक आपदाओं से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है. अगर उन्हें फसल बीमा नहीं दिया गया, तो किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई करना नामुमकिन हो जाएगा. सरकार किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तुरंत सही फैसला लें.
– दीपक बोबडे
स्थानीय किसान.

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