विधान परिषद के लिए निर्वाचित होते ही बोले विधायक प्रवीण पोटे
इतवारा फ्लायओवर कभी नहीं था मेरे एजेंडा में

* कहा – उस समय स्थानीय लोगों की सुन लेते, तो आज परेशानी नहीं होती
* फ्लायओवर का काम शुरू करवाने वाले नेताओं पर भी जमकर कसा तंज, केवल राजनीति हेतू मुद्दा उछालने की बात कही
अमरावती/ दि.23- विधान परिषद के अमरावती स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले भाजपा एवं महायुति के नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने अपने निर्वाचित होने के तुरंत बाद शहर सहित जिले के विकास कामों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. इस समय मीडिया के साथ बातचीत के दौरान नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे पाटील ने शहर के बहुचर्चित इतवारा फ्लाईओवर मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए पूर्व जनप्रतिनिधियों और परियोजना से जुड़े निर्णयकर्ताओं पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने विगत दो कार्यकाल के दौरान अमरावती शहर सहित जिले के विकास कार्यो हेतू करीब 25 हजार करोड रूपयों की निधि को मंजूरी दिलाई थी और खास बात यह थी कि, उस निधि के जरिए किए जाने वाले विकास कामों में चित्रा चौक से इतवारा बाजार होते हूए नागपुरी गेट की ओर जानेवाले फ्लाईओवर का समावेश नही था. इस वजह बताते हुए पूर्व मंत्री रहे विधायक प्रवीण पोटे पाटील ने कहा कि, इतवारा बाजार परिसर में अपना व्यापार व्यवसाय करनेवाले व्यापारियों सहित उस क्षेत्र के आस-पास वाले परिसरोें में रहनेवाले आम नागरिकों के लिहाज से यह फ्लाईओवर सिरदर्द ही साबित होनेवाला था. साथ ही विधायक प्रवीण पोटे ने तत्कालिन जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि, अगर फ्लाईओवर निर्माण से पहले स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और प्रभावित समुदायों की राय गंभीरता से ली जाती, तो आज लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता.
गत रोज विधान परिषद के चुनाव में अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के बाद नियोजन भवन से बाहर निकले नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे ने जिलाधिश कार्यालय परिसर में ही मीडिया के साथ अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि करीब सात से आठ वर्ष पहले जब इतवारा क्षेत्र में फ्लाईओवर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब स्थानीय मुस्लिम समाज और वहां के व्यापारियों ने इस परियोजना को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं. उनका मानना था कि फ्लाईओवर बनने के बाद बाजार क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, ग्राहकों की आवाजाही कम होगी और वर्षों से स्थापित व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. विधायक पोटे ने कहा कि इन तमाम बातों के मद्देनजर उस समय नागरिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त संवाद और जनसुनवाई की आवश्यकता थी. यदि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक तंत्र स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में सफल होते तथा उनकी समस्याओं का समाधान निकालते, तो आज इस परियोजना को लेकर असंतोष और विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती. उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता केवल उसके निर्माण में नहीं, बल्कि उससे प्रभावित होने वाले लोगों की सहमति और संतुष्टि में भी निहित होती है.
* मेरे 25 हजार करोड़ के विकास कार्यों में शामिल नहीं था इतवारा फ्लाईओवर
नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे ने स्पष्ट किया कि अपने मंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमरावती जिले में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों को गति दिलाई थी. इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का विकास, नाला गहरीकरण, सिंचन सुविधाओं का विस्तार, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े अनेक प्रकल्प शामिल थे. उन्होंने कहा कि जिले में इतने बड़े पैमाने पर विकास कार्य शायद ही किसी अन्य कालखंड में हुए हों, लेकिन इतवारा फ्लाईओवर उनकी प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल नहीं था.
राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि पूर्व मंत्री व विधायक पोटे ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि जो लोग आज इस विषय पर सबसे अधिक आवाज उठा रहे हैं, उन्हें परियोजना की शुरुआत के समय ही नागरिकों की भावनाओं और आशंकाओं को समझना चाहिए था.
* यह मेरी नहीं, मतदाताओं के विश्वास की जीत
विधान परिषद चुनाव में लगातार तीसरी बार मिली रिकॉर्ड जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक प्रवीण पोटे ने कहा कि यह चुनाव उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी नगरसेवकों, जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं की जीत है जिन्होंने उन पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में कुल 451 मतदाताओं में से 390 मत प्राप्त होना केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि वर्षों से कायम विश्वास का परिणाम है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के चुनाव जाति, धर्म या किसी भावनात्मक ध्रुवीकरण के आधार पर नहीं जीते जाते. यहां व्यक्तिगत संपर्क, संवाद, कार्यशैली और पारिवारिक संबंध अधिक महत्वपूर्ण होते हैं. वर्ष 2012 से लेकर आज तक उन्होंने विभिन्न नगर परिषदों, नगर पंचायतों और स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा, जिसका परिणाम उन्हें इस चुनाव में देखने को मिला.
* वंचित बहुजन आघाड़ी को मिले वोटों पर भी किया संकेत
विधायक प्रवीण पोटे ने वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार नीलेश विश्वकर्मा को मिले 31 मतों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उन वोटों में से कितने वोट वास्तव में वंचित बहुजन आघाड़ी के थे और कितने अन्य स्रोतों से आए, यह राजनीतिक क्षेत्र के लोग अच्छी तरह जानते हैं. हालांकि उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल उन मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करना है जिन्होंने उन पर विश्वास व्यक्त किया.
* जिले के विकास के लिए नई प्राथमिकताएं तय
नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे ने कहा कि उनके व्दारा अपने आने वाले कार्यकाल में जिले के विकास को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को प्रमुख प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि अमरावती एमआईडीसी क्षेत्र में नए उद्योगों को आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें. इसके अलावा बेलोरा हवाई अड्डे के रनवे को तीन हजार मीटर तक विस्तारित करने की दिशा में प्रयास होंगे, जिससे बड़े विमानों की आवाजाही संभव हो सके और अमरावती क्षेत्र को हवाई संपर्क के क्षेत्र में नई पहचान मिले.
* मेलघाट पर्यटन और धार्मिक कॉरिडोर पर रहेगा फोकस
विधायक पोटे ने कहा कि प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता से समृद्ध मेलघाट क्षेत्र को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एकीकृत कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा.
* राजकमल-हमालपुरा फ्लाईओवर जल्द शुरू कराने का दावा
अमरावती शहर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले राजकमल चौक-हमालपुरा फ्लाईओवर का उल्लेख करते हुए विधायक प्रवीण पोटे ने कहा कि यह परियोजना शहर की लाइफलाइन है और इसे शीघ्र शुरू कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, रेलवे प्रशासन तथा केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे. उनका प्रयास रहेगा कि आवश्यक निधि और प्रशासनिक मंजूरियां शीघ्र उपलब्ध हों ताकि फ्लाईओवर का कार्य तेजी से पूर्ण हो सके और नागरिकों को यातायात जाम से राहत मिले.
* मनपा की स्थिति सुधारने के लिए होगी समीक्षा बैठक
भाजपा नेता व नवनिर्वाचित विधायक प्रवीण पोटे ने अमरावती महानगरपालिका की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रही महानगरपालिका की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए मुंबई से लौटने के तुरंत बाद विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में शहर की प्रमुख समस्याओं, विकास कार्यों की प्रगति और वित्तीय स्थिति का आकलन कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महायुति सरकार के सहयोग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से अमरावती जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा.





