गरीबों के बैंक खाते इस्तेमाल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
अमरावती ग्रामीण पुलिस की साइबर ठगी में बडी कार्रवाई

* 12 आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार, गोवा में छापेमारी कर पुलिस ने दबोचा गिरोह
* 6.25 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा
* पत्रकार परिषद में जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने दी जानकारी
अमरावती/दि.23 – अमरावती ग्रामीण पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में गोवा से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं. अब तक की जांच में 6.25 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है. यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने पत्रकार परिषद में दी.
पत्रकार परिषद में निकेतन कदम ने बताया कि, आरोपियों द्वारा गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे. इसके बाद उनसे बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम और आधार से जुड़े दस्तावेज लेकर मामूली रकम दी जाती थी. बाद में इन खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था. मामले की शिकायत मिलने पर शिरखेड पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया. जांच साइबर पुलिस को सौंपी गई, जिसके बाद तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया.
* गोवा में छापा, 12 आरोपी गिरफ्तार
निकेतन कदम ने बताया कि, तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दक्षिण गोवा स्थित एलीट प्रोविडेंट अडोरा सोसायटी में छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के निवासी शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों के नाम आंध्रप्रदेश के जामडोल जिले के अमरावती निवासी देवचंद बंडू मेश्राम (26), मुंबई के नालासोपारा निवासी प्रेम दिलीप खिलारे (21), अमरावती जिले के पथ्रोट निवासी अनिकेत सुरेश मस्के (24), तिवसा निवासी योगेश भीमराव इरपाते (31), मोर्शी तहसील के मंगरुल भिवापुर निवासी प्रितम ज्ञानेश्वर इंगले (22), उत्तर प्रदेश के मंजेरिया जिले के अमेठी निवासी आशीषकुमार उमाशंकर चौरसिया (25), सत्यम गयाप्रसाद मौर्या (22), जबलपुर निवासी शुभम गयाप्रसाद झारिया (30), होशंगाबाद निवासी वैभव कामराज सूर्यवंशी (24), जबलपुर निवासी आदित्य युवराज माली (27), सुशिल इंदल बर्मन (28) और एक महिला है. तीन आरोपी अभी फरार है. पुलिस के अनुसार, इस मामले में राकेश कुमार झामनानी (अमरावती) सहित तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
* 10.85 लाख रुपये का सामान जब्त
जिला पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि, आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 64 बैंक पासबुक, 147 एटीएम कार्ड, 19 चेकबुक, 198 सिम कार्ड, 52 मोबाइल फोन, 9 लैपटॉप, 3 टैबलेट शामिल हैं. जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 10 लाख 85 हजार रुपये बताई गई है.
* 64 बैंक खाते फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस को 64 बैंक खाते मिले, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किया जा रहा था. सभी खातों को तत्काल फ्रीज कर दिया गया है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों से जुड़े मामलों की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं.
* जनता से पुलिस की अपील
जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल सिम या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति को न दें. ऐसे बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और अन्य आर्थिक अपराधों में किया जाता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग के लिए दिया है तो वह तत्काल उसे वापस ले तथा इसकी सूचना साइबर पुलिस अमरावती ग्रामीण के हेल्पलाइन नंबर 7030006819 पर दे. इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दत्ता तोटेवाड़ के मार्गदर्शन में निरीक्षक अशोक लांडे, सहायक निरीक्षक विलास सानप, अमोल पुरी, संतोष गुर्जर, सुनील बनसोड, हेड कांस्टेबल ्रप्रवीण वानखडे, पंकज गोलाइतकर, प्रवीण अंबाडकर, रितेश गोस्वामी, अजित राठोड, संदीप जुगनाके, पवन ढोके, अंकित अढाउ, मयूर नरोकार, आशीष मुंडे, सुमित चव्हाण, रोशन आठवले, महिला हेडकांस्टेबल सरीता चौधरी, रुपाली इंगोले, पूनम कान्होलीकर, कल्पना सोनोत्रे, आंचल मेटे, योगिता शेलके आदि साइबर पुलिस और अमरावती ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.