पावस सत्र के पहले दिन विधान परिषद में दहाडे बच्चू कडू

अस्पतालों के नाम, पुलों की गुणवत्ता और शिवभोजन योजना के मुद्दे उठाए

* केईएम अस्पताल का नाम बदलने तथा शिवभोजन केंद्रों को तत्काल निधि देने की मांग
मुंबई/दि.23- राज्य विधान मंडल के आज से शुरू हुए पावस कालीन सत्र के पहले ही दिन विधान परिषद मे शिंदे गुट वाली शिवसेना के विधायक बच्चु कडू की जबरदस्त दहाड सुनाई दी. जब विधायक बच्च्ाु कडू ने अपने आक्रमक अंदाज में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सभागृह में उठाए.
विधायक बच्चु कडू ने मुंबई के प्रसिद्ध किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को लगभग 150 वर्षों तक लूटने वाले अंग्रेजों के नाम आज भी सरकारी संस्थानों और अस्पतालों से जुड़े होना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी अंग्रेज शासकों के नाम सार्वजनिक संस्थानों पर बने रहना चिंताजनक है. उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और भारतीय महापुरुषों तथा राष्ट्रनिर्माताओं के नाम पर संस्थानों का नामकरण करने की मांग की.
इस दौरान विधायक बच्चु कडू ने राज्य में भारी वाहनों के आवागमन से पुलों पर बढ़ रहे भार का मुद्दा भी उठाया. कडू ने कहा कि यदि ओवरलोडिंग के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, तो केवल वाहनों को दोषी ठहराना पर्याप्त नहीं है. पुल निर्माण में निकृष्ट गुणवत्ता का काम करने वाले ठेकेदारों की भी जांच कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने संबंधित विभाग से ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की. जिस पर मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले व्दारा जवाब देते हुए कहा गया कि, संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों के नाम जल्द ही सभागृह के सामने रखे जाएगे.
इस समय विधायक बच्चू कडू ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी शिवभोजन योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि शिवभोजन योजना के लिए राज्य सरकार व्दारा 150 करोड रूपयों की निधि का प्रावधान किया गया है. जबकि इस योजना पर होनेवाला खर्च 215 करोड दिखाया गया है. ऐसे में निधि के अभाव की वजह से राज्य के अनेक शिवभोजन केंद्र बंद होने की कगार पर हैं. यह योजना गरीब, जरूरतमंद और सामान्य नागरिकों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराती है, इसलिए इसे किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने दिया जाना चाहिए. विधायक बच्चु कडू ने सरकार से शिवभोजन केंद्र संचालकों को तत्काल बकाया निधि उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके. साथ ही भविष्य में शिवभोजन केंद्रों के आवंटन में दिव्यांग व्यक्तियों, विधवा महिलाओं तथा किसान आत्महत्या प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग भी उन्होंने सभागृह में रखी. इसके साथ ही विधायक बच्चू कडू ने कहा कि सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ी योजनाओं को मजबूत बनाना सरकार की जिम्मेदारी है और जरूरतमंद वर्गों तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए.

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