ग्रामीण पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन गरूड दृष्टि’
सोशल मीडिया पर चलनेवाली ‘भाईगीरी’ पर रहेगी पुलिस की नजर

* युवाओं को अपराध के रास्ते से दूर हटाने एसपी निकेतन कदम की शानदार पहल
अमरावती/दि.23 – सोशल मीडिया पर बढ़ती ‘भाईगिरी’, हथियारों के प्रदर्शन और आपराधिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली रीलों पर अंकुश लगाने के लिए अमरावती ग्रामीण पुलिस ने ‘ऑपरेशन गरुड़ दृष्टि’ नामक विशेष अभियान शुरू किया है. पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर रखना और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है.
पुलिस के अनुसार हाल के वर्षों में कई युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चाकू, छुरे, तलवार और अन्य हथियारों के साथ वीडियो बनाकर पोस्ट कर रहे हैं. कुछ मामलों में फिल्मी डायलॉग, आपराधिक छवि और कथित ‘भाईगिरी’ का प्रदर्शन कर युवाओं के बीच गलत संदेश फैलाया जा रहा है. जन्मदिन जैसे आयोजनों में तलवार से केक काटने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिस गंभीरता से ले रही है.
ग्रामीण पुलिस द्वारा अब तक ऐसे मामलों में 27 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. वहीं सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट करने वाले 27 युवाओं को पुलिस ने बुलाकर समझाइश भी दी है. पुलिस का मानना है कि समय रहते की गई काउंसिलिंग और कानूनी कार्रवाई से युवाओं को अपराध की ओर बढ़ने से रोका जा सकता है.
अब तक सोशल मीडिया पर निगरानी और कार्रवाई मुख्य रूप से ग्रामीण साइबर सेल के माध्यम से की जाती थी, लेकिन ‘ऑपरेशन गरुड़ दृष्टि’ के तहत यह जिम्मेदारी जिले के प्रत्येक पुलिस थाने को भी सौंप दी गई है. सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने, आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने कहा कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, कानून हाथ में लेने की मानसिकता को बढ़ावा देने वाली पोस्ट या किसी प्रकार की दहशत फैलाने वाले वीडियो बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को जागरूक करना भी है. कई बार युवा लोकप्रियता और अधिक फॉलोअर्स पाने की होड़ में ऐसे वीडियो पोस्ट कर देते हैं, जिसके कानूनी परिणाम गंभीर हो सकते हैं. इसलिए पुलिस पहले उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीण पुलिस का मानना है कि ‘ऑपरेशन गरुड़ दृष्टि’ से सोशल मीडिया पर अपराधी छवि प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा और युवाओं में सकारात्मक संदेश जाएगा. अभियान के तहत आने वाले दिनों में निगरानी और भी तेज की जाएगी.





