सरकार नहीं कर सकी जो काम, वह अधिकारियों ने कर दिखाया;

तुकाराम मुंढे की कार्रवाई की बच्चू कडू ने की सराहना

* विधान परिषद में कर्जमाफी पर चर्चा के दौरान बोले विधायक बच्चू कडू
* गुटखा और खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का किया स्वागत
मुंबई/दि.23- विधान परिषद के पावस अधिवेशन में कर्जमाफी संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुकाराम मुंढे के कार्यों की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि कई बार जो काम सरकारें नहीं कर पातीं, वह दृढ़ इच्छाशक्ति वाले अधिकारी कर दिखाते हैं और तुकाराम मुंढे इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. बच्चू कडू ने कहा कि अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग का कार्यभार संभालने के बाद तुकाराम मुंढे ने गुटखा, तंबाकू और खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है. इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुटखा तथा मावा जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की उपलब्धता में उल्लेखनीय कमी आई है.
विधायक बच्चू कडू ने सदन में कहा, मेरे क्षेत्र में अब गुटखा और मावा आसानी से नहीं मिल रहा है. यह तुकाराम मुंढे की सख्त कार्रवाई का परिणाम है. राज्य के अन्य अधिकारियों को भी उनसे प्रेरणा लेकर इसी प्रकार जनहित में काम करना चाहिए.
* दूध में मिलावट रोकने की मांग
विधायक बच्चू कडू ने सरकार का ध्यान दूध में मिलावट की गंभीर समस्या की ओर भी आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि यदि दूध और खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण कर लिया जाए तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा. उन्होंने मंत्री शंभूराज देसाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि दूध में मिलावट रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए. साथ ही उन्होंने तुकाराम मुंढे से भी इस दिशा में विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया.
* कर्जमाफी योजना पर उठाए सवाल
चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने किसानों की कर्जमाफी से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा की गई थी, लेकिन निर्धारित सीमा से थोड़ी अधिक राशि बकाया होने पर अनेक किसान लाभ से वंचित रह गए. उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों से पहले ऋण का बड़ा हिस्सा जमा कराने और बाद में आंशिक राहत देने की नीति व्यवहारिक नहीं है. कडू ने मांग की कि दिव्यांग किसानों, एकल महिला किसानों तथा अत्यंत संकटग्रस्त किसानों को बिना शर्त कर्जमाफी का लाभ दिया जाना चाहिए.
* उत्पादन लागत कम करने पर जोर
विधायक बच्चू कडू ने कहा कि केवल कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है. उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन लागत कम करना और कृषि उत्पादों को उचित मूल्य दिलाना अधिक आवश्यक है. यदि सरकार किसानों को पर्याप्त समर्थन मूल्य नहीं दे सकती, तो कम से कम खेती की लागत घटाने के लिए ठोस उपाय किए जाने चाहिए.
* दिव्यांग कल्याण मंत्रालय की सराहना
अपने भाषण में विधायक बच्चू कडू ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना एक ऐतिहासिक निर्णय है. उनके अनुसार यह देश का पहला ऐसा मंत्रालय है, जो दिव्यांग नागरिकों के अधिकारों और कल्याण के लिए समर्पित है. विधान परिषद में दिए गए विधायक बच्चू कडू के वक्तव्य ने प्रशासनिक जवाबदेही, खाद्य सुरक्षा, किसान हित और सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया.

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