मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची साजिश, केतन अग्रवाल की हत्या से परिवार सदमे में
पिता बोले - मेरी चिता को आग देने वाला ही चला गया, मेरा सब कुछ खत्म हो गया

पुणे /दि.24– महाराष्ट्र के पुणे जिले में 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की कथित हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर लोहगढ़ किले पर उसे मौत के घाट उतारने की साजिश रची. घटना के बाद से केतन का परिवार गहरे सदमे में है.
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. भावुक होते हुए उन्होंने कहा, जो मेरे बुढ़ापे का सहारा था, मेरी चिता को आग देने वाला था, आज वही मुझे छोड़कर चला गया. मेरा सब कुछ खत्म हो गया.
* बाली यात्रा रद्द होने के बाद बढ़ा शक
विशाल अग्रवाल के अनुसार, 6 जून को केतन अपने दोस्तों के साथ बाली जाने वाला था, लेकिन एयरपोर्ट पर उसका पासपोर्ट रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया, जिसके कारण वह यात्रा नहीं कर सका. उन्होंने कहा कि एक ही बैग में रखी अन्य सभी चीजें सुरक्षित थीं, केवल पासपोर्ट का गायब होना संदेह पैदा करता है.
* लोहगढ़ किले पर पहले भी हुई थी कोशिश
पिता के मुताबिक, बाली यात्रा रद्द होने के बाद सिया ने केतन पर लोहगढ़ किला जाने का दबाव बनाया. 14 जून को दोनों वहां गए थे. आरोप है कि उस दौरान भी सिया ने केतन को धक्का दिया था, लेकिन वह एक पेड़ का सहारा मिलने से बच गया. बाद में सिया ने सांप आ गया कहकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया. इसके बावजूद सिया ने 18 जून को दोबारा लोहगढ़ जाने की जिद की. उसने अपने जन्मदिन का हवाला देकर केतन और उसके परिवार को मनाया. यहां तक कि उसने वीडियो कॉल कर केतन की मां को भी जाने के लिए राजी किया.
* पुलिस जांच में सामने आई साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन चेतन चौधरी दोपहिया वाहन से लोहगढ़ पहुंचा था और वह सिया के संपर्क में था. जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस का मानना है कि दोनों ने मिलकर केतन पर हमला किया और उसे किले से नीचे फेंक दिया. घटना के बाद सिया ने शोर मचाया और परिवार को सूचना दी कि केतन किले से गिर गया है. जब तक परिवार वहां पहुंचा, डॉक्टरों ने केतन को मृत घोषित कर दिया था. बाद में पुलिस ने जांच के आधार पर सिया और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया.
* शादी नहीं करनी थी तो मना कर देती
विशाल अग्रवाल ने कहा कि यदि सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो वह साफ इनकार कर सकती थी. उन्होंने कहा, अगर उसका किसी और के साथ संबंध था, तो हमें बता देती. एक फोटो भी भेज देती तो हम शादी रद्द कर देते. लेकिन किसी की जान लेना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
* फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है. विशाल अग्रवाल ने कहा कि सामान्य अदालत में मामला चलने पर फैसला आने में वर्षों लग सकते हैं. उन्होंने कहा, ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दुख न सहना पड़े. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. मामले ने प्रेम संबंधों, विश्वासघात और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.