बोले – मराठी नहीं आती तो विधानसभा अध्यक्ष को पद से हटाओ

मराठी विवाद पर संजय राउत का हमला

मुंबई /दि.24- शिवसेना उबाठा के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राऊत ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि उन्हें मराठी भाषा पढ़ना, लिखना और बोलना नहीं आता, तो उन्हें अध्यक्ष पद से हटा देना चाहिए.
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि शोक प्रस्ताव पढ़ते समय हुई भाषाई गलतियां मराठी भाषा का अपमान हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष या मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

* मैं सदन में होता तो पेपरवेट फेंकता
राउत ने कहा कि यदि वह उस समय सदन में मौजूद होते तो विरोध दर्ज कराने के लिए पेपरवेट फेंक देते. उन्होंने कहा कि मराठी भाषा और महाराष्ट्र के स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं रहा जा सकता. उन्होंने कहा, जिस व्यक्ति को मराठी नहीं आती, उसे विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठाना उचित नहीं है. यह मराठी भाषा और महाराष्ट्र के हुतात्माओं का अपमान है.

* सरकार और पुलिस पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शिर्डी दौरे के दौरान शिवसैनिकों को रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया और कई कार्यकर्ताओं को विभिन्न पुलिस थानों में बैठाकर रखा गया. उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर दादागिरी की जा रही है और सरकारी मशीनरी का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है. राउत ने दावा किया कि सत्ता का संरक्षण मिलने के कारण ही इस प्रकार की भाषा और व्यवहार देखने को मिल रहा है.

* हम पुलिस के सहारे गुंडागर्दी नहीं करते
राउत ने कहा कि उनकी पार्टी संघर्ष की राजनीति से निकली है और वह पुलिस के सहारे राजनीति नहीं करती. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का उपयोग किया जा रहा है.

* मुंबई के विकास कार्यों पर सवाल
मुंबई में बारिश के मौसम के दौरान चल रहे विकास कार्यों पर भी राउत ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मानसून के बीच सड़कों और अन्य परियोजनाओं के काम शुरू होने से आम नागरिकों को परेशानी हो रही है. उनके अनुसार, यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो भारी बारिश के दौरान मुंबईकरों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

* सोशल मीडिया पर भी सरकार पर हमला
राउत ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया. उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और उनका हौसला बुलंद है. मराठी भाषा को लेकर विधानसभा में शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है और इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

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