किसानों से सीधे दालों की खरीदी करें

बिचौलियों को नहीं मिलेगी जगह

* नाफेड और एनसीसीएफ को अमित शाह के निर्देश
नई दिल्ली/दि.24 – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नाफेड और एनसीसीएफ को निर्देश दिए हैं कि दलहन और तिलहन की खरीद सीधे किसानों से की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के बिचौलिए या दलाल की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी.
अमित शाह ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ मिलना चाहिए. इसके लिए नाफेड और एनसीसीएफ जैसी संस्थाओं को किसानों से सीधे खरीद कर भुगतान की व्यवस्था मजबूत करनी होगी. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश को दालों एवं खाद्य तेलों के आयात पर होने वाले भारी विदेशी मुद्रा खर्च में भी कमी आएगी.

* किसानों को सीधे मिलेगा भुगतान
शाह ने बताया कि देश में दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन बिचौलियों के कारण किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पाता. इस व्यवस्था में सुधार के लिए अगले दो वर्षों में ऐसा तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों की उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जा सके.

* नाफेड का बढ़ा दायरा
उन्होंने बताया कि नाफेड का कारोबार 500 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और इसका नेटवर्क देश के 76 लाख किसानों तक फैल चुका है. शाह ने नाफेड को आगामी वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित करने का सुझाव दिया.

* आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए हर वर्ष लगभग 60 से 70 लाख टन दालों तथा 15 से 16 मिलियन टन खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है. यदि किसानों को उचित मूल्य और सीधी खरीद की सुविधा मिलेगी तो वे उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

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