कर्जमाफी योजना को लेकर विधान परिषद में सरकार पर बरसे अंबादास दानवे

मुंबई /दि.24- महाराष्ट्र विधान परिषद में शिवसेना उबाठा के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने राज्य सरकार की घोषित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026 को किसानों के साथ धोखा बताते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना वास्तविक कर्जमाफी नहीं बल्कि कर्ज वसूली की योजना है.
नियम 260 के तहत हुई चर्चा में बोलते हुए दानवे ने कहा कि सरकार के आश्वासनों पर किसानों का भरोसा नहीं रहा है. उन्होंने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा वर्ष 2019 में लागू की गई कर्जमाफी बिना किसी शर्त के किसानों के खातों में सीधे जमा की गई थी, जबकि वर्तमान योजना में 17 शर्तें लगाई गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में किसान लाभ से वंचित रह जाएंगे.
* मोहित कंबोज को लेकर उठाए सवाल
चर्चा के दौरान दानवे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जलसंधारण और जलसंपदा विभाग पर बाहरी प्रभाव है. उन्होंने व्यवसायी मोहित कंबोज का नाम लेते हुए दावा किया कि विभाग के अधिकारी भी लोगों को उनसे संपर्क करने की सलाह देते हैं. उन्होंने सदन में सवाल उठाया कि मोहित कंबोज का सत्ताधारी पक्ष से क्या संबंध है. इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई.
* किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा
दानवे ने कहा कि नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को दिए जाने वाले 50 हजार रुपये के प्रोत्साहन अनुदान का पूरा भुगतान अब तक नहीं किया गया है. साथ ही 2017 और 2019 की कर्जमाफी से जुड़े लगभग 6 हजार करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं, जबकि सरकार ने इसके लिए केवल 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में उद्योगपतियों के 16.35 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए, जबकि किसानों को केवल 1.66 लाख करोड़ रुपये की सहायता मिली.
* जलसंधारण और सिंचाई योजनाओं पर सवाल
दानवे ने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अनुदान, फसल बीमा, डीबीटी प्रणाली, बळीराजा पाणंद सड़क योजना और जलसंधारण योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा वॉटर ग्रिड योजना अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है और क्षेत्र को उसका हक का पानी नहीं मिल पाया.
* किसान आत्महत्याओं पर चिंता
अंबादास दानवे ने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में देशभर में 15,179 किसानों ने आत्महत्या की, जिनमें से 6,093 मामले महाराष्ट्र के हैं. उन्होंने कहा कि देश की लगभग 40 प्रतिशत किसान आत्महत्याएं महाराष्ट्र में हो रही हैं, जो राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
* शिवभोजन योजना को लेकर सरकार पर निशाना
दानवे ने कहा कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते शुरू की गई शिवभोजन केंद्र योजना की पिछले दो वर्षों में उपेक्षा की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि नए केंद्रों को मंजूरी नहीं दी जा रही और पहले से संचालित केंद्रों को सात से आठ महीने तक अनुदान नहीं मिल रहा है. उन्होंने सरकार से बंद पड़े शिवभोजन केंद्रों को फिर शुरू करने और समय पर अनुदान देने की मांग की.
* मेलघाट में पेयजल संकट का मुद्दा
दानवे ने आदिवासी क्षेत्र मेलघाट में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार वहां स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है, जिसके कारण महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने इस विषय पर सदन में अलग से चर्चा कराने की मांग की. अंत में दानवे ने राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना को भ्रामक और फर्जी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया तथा किसानों के हित में अधिक प्रभावी कदम उठाने की मांग की.





