पशुपालक किसानों और पशु व्यापारियों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

जिला पुलिस अधीक्षक को भी सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.24 – वरुड-मोर्शी क्षेत्र के पशुपालक किसानों और पशु खरीद-बिक्री से जुड़े व्यापारियों ने अमरावती जिलाधिकारी आशीष येरेकर और जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम को ज्ञापन सौंपकर पुलिस और कुछ युवा संगठनों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की है.
ज्ञापन में किसानों और व्यापारियों ने बताया कि वे वर्षों से पशुपालन तथा पशुओं की खरीद-बिक्री के व्यवसाय से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. किसान अपने पशुओं को बिक्री के लिए बाजार समिति में लाते हैं, लेकिन रास्ते में पुलिस अथवा कुछ युवा संगठनों के सदस्य उन्हें रोककर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते हैं. किसानों का कहना है कि बाजार समिति से पशु खरीदने वाले व्यापारियों के पास सभी आवश्यक दस्तावेज, रसीदें और ईयर टैगिंग की जानकारी होने के बावजूद उनके पशुओं को रास्ते में रोक लिया जाता है. कई मामलों में पशुओं को जब्त कर गौशालाओं में भेज दिया जाता है. आरोप है कि इन गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं होती, जिससे पशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान कानून के तहत पशुओं की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है और कोई भी व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार पशुओं का व्यापार कर सकता है. इसके बावजूद किसान और व्यापारी वर्ग को बेवजह रोककर परेशान किया जाता है, जिससे उनके व्यवसाय और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. पशुपालकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के आधार पर मामले में हस्तक्षेप करने तथा उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग की है. उनका कहना है कि पशुपालन और पशु व्यापार ही उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है, इसलिए प्रशासन उनके साथ न्याय सुनिश्चित करे. ज्ञापन सौंपनेवालों में अशोक शिंगारे, कुंवरलाल साखरे, अ. रहीम कुरेशी, सुरेश शिंगारे, शे. जाकीर, अन्यार अहमद, अ. नईम, साकीब अहमद, शेख निसार, शहीद खान, रियाज अहमद, अनिस अहमद समेत अन्यों का समावेश था.

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