बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंटों पर कार्रवाई का रास्ता साफ

राज्य सरकार ने अपील खारिज की

नागपुर/दि.24 – नागपुर के बजाजनगर क्षेत्र में संचालित कथित अवैध रेस्टोरेंटों पर जल्द कार्रवाई होने की संभावना बढ़ गई है. वर्ष 2016 में महानगरपालिका द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ रेस्टोरेंट संचालकों की ओर से दायर अपील को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है. यह निर्णय उच्च न्यायालय की फटकार के बाद लिया गया, जिससे अब अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली है और उसका पट्टाधारक कृषि विश्वविद्यालय है. इसके अलावा भूमि के कुछ हिस्सों पर आरक्षण भी लागू है. इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ता ने रेस्टोरेंट संचालकों की अपील निरस्त कर दी. मामले में डॉ. ललित हारोडे, असीम बोरडिया और मृदुला फडके द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है. बुधवार को इस याचिका पर अनिल किलोर और राज वाकोडे की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि शंकरनगर से बजाजनगर तक के कई रेस्टोरेंटों में देर रात तक अवैध गतिविधियां संचालित होती हैं, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है. इसी आधार पर महानगरपालिका ने वर्ष 2016 में 27 रेस्टोरेंटों को एमआरटीपी अधिनियम की धारा 53 के तहत नोटिस जारी किए थे.
* न्यायालय की फटकार के बाद बदला रुख
नोटिस जारी होने के बाद राज्य सरकार ने कार्रवाई पर स्थगन दे दिया था. जब यह मामला उच्च न्यायालय के संज्ञान में आया तो न्यायालय ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई. इसके बाद सरकार ने अपीलों पर पुनर्विचार करते हुए उन्हें खारिज कर दिया. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया कि रेस्टोरेंट मालिकों की अपील अब निरस्त की जा चुकी है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में जहां ऐसे रेस्टोरेंटों की संख्या 27 थी, वहीं अब यह बढ़कर 53 तक पहुंच गई है.
* रेस्टोरेंट संचालकों ने मांगी राहत
कार्रवाई की आशंका के बीच रेस्टोरेंट मालिकों ने उच्च न्यायालय में मध्यस्थता आवेदन दाखिल किया है. उनका कहना है कि राज्य सरकार दबाव में आकर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने मांग की है कि महानगरपालिका उनकी बात सुने बिना कोई कठोर कदम न उठाए.
* 15 दिन की नोटिस के बाद ही कार्रवाई
महानगरपालिका की ओर से न्यायालय को बताया गया कि किसी भी रेस्टोरेंट पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी. कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंटों पर कार्रवाई की संभावना काफी बढ़ गई है.

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