30 जून से पहले 56 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ की कर्जमाफी
उष्माघात से मृत्यु पर भी मिलेगी सहायता, विधानसभा में कृषि मंत्री की बड़ी घोषणाएं

मुंबई./ दि.24- महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में किसानों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि 30 जून से पहले राज्य के 56 लाख से अधिक किसानों को 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा. नियम 293 के तहत कृषि विषयक चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों की जानकारी सदन में दी.
कृषि मंत्री दत्ता भरणे ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार राज्य के 56 लाख 24 हजार किसानों को लगभग 36 हजार 585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी दी जाएगी. उन्होंने दावा किया कि यह योजना वर्ष 2009, 2017 और 2019 की कर्जमाफी योजनाओं की तुलना में अधिक व्यापक होगी तथा इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.
* उष्माघात से मौत होने पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता
सरकार ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना योजना के दायरे का विस्तार करने का निर्णय लिया है. अब खेतों में काम करने वाले कृषि मजदूरों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा. साथ ही, गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण यदि किसी किसान की उष्माघात (हीट स्ट्रोक) से मृत्यु होती है तो उसके परिवार को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.
* महिला किसानों के लिए आएगा विशेष विधेयक
कृषि मंत्री ने घोषणा की कि महिला किसानों को स्वतंत्र पहचान और अधिकार दिलाने के उद्देश्य से इसी सत्र में ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक’ प्रस्तुत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि खेती में महिलाओं के योगदान को देखते हुए यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा.
* खाद और बीज की कमी नहीं, ‘लिंकिंग’ पर होगी कार्रवाई
सरकार ने किसानों को आश्वस्त किया कि खरीफ सीजन के लिए राज्य में 42 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद और 28 लाख टन बीज उपलब्ध हैं तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है. कृषि मंत्री ने चेतावनी दी कि अनुदानित खाद खरीदने के साथ अन्य उत्पाद लेने की अनिवार्यता (लिंकिंग) करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. किसानों की शिकायतों के लिए 1800-233-4000 टोल-फ्री नंबर उपलब्ध कराया गया है. खाद वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए छत्रपति संभाजीनगर और कोल्हापुर में मोबाइल ऐप आधारित बुकिंग प्रणाली का प्रयोग भी किया जा रहा है.
* कृषि समृद्धि योजना पर 5 हजार करोड़ का प्रावधान
कृषी मंत्री दत्ता भरणे व्दारा बताया गया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कृषि अधोसंरचना विकसित करने के लिए राज्य सरकार ‘कृषि समृद्धि योजना’ चला रही है, जिसके तहत हर वर्ष 5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस वर्ष के लिए 2 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं.
* 96 प्रतिशत किसानों को मिला फसल बीमा मुआवजा
कृषि मंत्री भरणे के अनुसार ‘बीड पैटर्न’ लागू होने के बाद बीमा कंपनियों का लाभ सीमित किया गया है और अब तक पात्र किसानों में से 96 प्रतिशत किसानों को 1,523 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की जा चुकी है. कृषी मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों से अपील की कि केवल शुरुआती बारिश को देखकर बुवाई की जल्दबाजी न करें. जब तक खेतों में पर्याप्त नमी न बन जाए, तब तक इंतजार करना अधिक सुरक्षित रहेगा. भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और संकट में फंसे किसानों को राहत देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उनके इस बयान के बाद राज्य में कर्जमाफी और किसान कल्याण योजनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.





