गर्भलिंग निदान की शिकायत कहाँ करें?
‘आमची मुलगी’ पोर्टल बंद होने से बढ़ी परेशानी

अमरावती /दि.27– भ्रूण लिंग जांच जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन शिकायत पोर्टल ‘आमची मुलगी’ पिछले कुछ दिनों से बंद है. इस कारण नागरिकों को गोपनीय रूप से शिकायत दर्ज कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
राज्य में प्री-कॉन्सेप्शन एवं प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स अधिनियम, 1994 के तहत भ्रूण लिंग जांच और उसके आधार पर गर्भपात पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अवैध गतिविधियां सामने आने के बाद महिला एवं बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने शिकायत पोर्टल बंद होने पर चिंता जताई है. हालांकि नागरिक सीधे स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. ‘आमची मुलगी’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ पीसीपीएनडीटी अधिनियम की जानकारी, जागरूकता सामग्री, संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती थी. शिकायतकर्ता अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी सूचना दे सकते थे.
* जिले में दो केंद्रों पर कार्रवाई
पिछले एक वर्ष में अमरावती जिले में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत अंजनगांव सुर्जी स्थित एक एमटीपी केंद्र तथा उतावली के एक सोनोग्राफी केंद्र के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है.
* शिकायत कहाँ करें?
‘आमची मुलगी’ पोर्टल बंद होने की स्थिति में नागरिक जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, जिला उपयुक्त प्राधिकारी, 104 टोल-फ्री स्वास्थ्य हेल्पलाइन, नगर निगम अथवा सरकारी स्वास्थ्य विभाग के माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
* पहले भी बंद रह चुका है पोर्टल
‘आमची मुलगी’ पोर्टल इससे पहले भी लगभग तीन वर्षों तक बंद रहा था. तकनीकी सुधार के बाद वर्ष 2024 में इसे दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन अब एक बार फिर यह बंद हो गया है, जिससे शिकायत प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार ने बताया कि गर्भकालीन लिंग जांच रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.