देशभर में मतदाता सूची से हटे करीब 6 करोड़ नाम
शुद्धिकरण अभियान जारी

नई दिल्ली /दि.27– देशभर में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के तहत अब तक करीब छह करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मृत, स्थानांतरित, दोहरे या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है.
इस अभियान की शुरुआत एक वर्ष पहले हुई थी. हालांकि इसे लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तीखी बहस भी हुई. विपक्ष ने आरोप लगाया कि दस्तावेजों के नाम पर पात्र मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया जा रहा है. वहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा और केवल अपात्र नामों को ही सूची से बाहर किया जाएगा. इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी डखठ प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है. चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिमुक्त बनाना है, ताकि केवल पात्र नागरिकों को ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो सके.
* बिहार से हुई थी शुरुआत
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में पायलट आधार पर इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जहां लगभग 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए. इसके बाद देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया गया.
* अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
– 66.88 लाख मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए.
– सत्यापन के बाद 63.16 लाख नामों में सुधार किया गया.
– पहले चरण में करीब 47 लाख दोहरे अथवा मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए.
– 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 5.18 करोड़ नाम सूची से हटाए गए.
* तीन चरणों में चल रहा अभियान
– पहला चरण (जून-सितंबर 2025): दोहरे और मृत मतदाताओं के नाम हटाने पर जोर.
– दूसरा चरण (नवंबर 2025-फरवरी 2026): उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं की सूची का सत्यापन.
– तीसरा चरण: 14 मई 2026 से आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण अभियान जारी है.





