रिश्वतखोर निबंधक के घर मिला ‘कुबेर का खजाना’

1.53 करोड रुपए नकद, सोने के बिस्किट, करोडों की संपत्ति के दस्तावेज जब्त

* सीलबंद फ्लैट में घुसकर सबूत नष्ट करने के प्रयास विफल
अकोला/दि.3 – रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार तत्कालीन सह-जिला निबंधक एवं मुद्रांक जिलाधिकारी (वर्ग-1) किरण पुरुषोत्तम चौधरी के खिलाफ जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने जलगांव स्थित उनके आवास की तलाशी के दौरान करीब 2 करोड़ 94 लाख 64 हजार 847 रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज और अन्य कीमती सामान बरामद किया है.
एसीबी के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी के विष्णुनगर स्थित घर की तलाशी का न्यायालय से प्राधिकरण प्राप्त हुआ था. 25 जून को टीम जब वहां पहुंची तो मकान बंद मिला, जिसके बाद पंचों की मौजूदगी में उसे सीलबंद कर दिया गया. इसी बीच 27 जून को आरोपी के कुछ रिश्तेदारों ने कथित रूप से घर के पिछले हिस्से और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने तथा संभावित साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया. एसीबी और स्थानीय पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को पकड़ लिया. इस मामले में जलगांव के जिलापेठ पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है.
इसके बाद 2 जुलाई को आरोपी की पत्नी, परिजनों, सरकारी पंचों, स्वर्ण मूल्यांकन विशेषज्ञ और बैंक कैशियर की मौजूदगी में तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान 1.53 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 422.100 ग्राम सोने के आभूषण (जिसमें दो सोने के बिस्किट शामिल हैं), सोना खरीद की रसीदें, 154.100 ग्राम चांदी के आभूषण, 62.13 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों के दस्तावेज तथा लाखों रुपये का घरेलू सामान बरामद हुआ. सभी जब्त सामग्री को एसीबी ने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है.
* क्या है पूरा मामला?
एसीबी अकोला ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सह-जिला निबंधक किरण चौधरी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक मिलिंद बाहकर के नेतृत्व में की गई थी. अदालत ने आरोपी को प्रारंभिक पुलिस हिरासत के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, जहां वह फिलहाल बंद है. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह बरामदगी भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है और मामले में आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं.

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