महाराष्ट्र में अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

जून की बारिश की कमी होगी पूरी, 6 जुलाई के बाद कम हो सकता है मानसून का जोर

मुंबई/पुणे/दि.3- महाराष्ट्र में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है. विशेष रूप से मुंबई, कोंकण, पुणे, रायगढ़, ठाणे, पालघर, सतारा तथा घाट क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में हुई वर्षा की कमी भी अगले कुछ दिनों में काफी हद तक पूरी हो सकती है.
आईएमडी के वरिष्ठ अधिकारी एस. डी. सानप के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी हवाओं के कारण राज्यभर में व्यापक वर्षा हो रही है. अगले तीन से चार दिनों तक मुंबई, कोंकण, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. हालांकि 6 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं. मुंबई में लगातार तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा. शहर और उपनगरों के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान 150 से 200 मिमी तक वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है. भारी बारिश के चलते सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है.
मौसम विभाग ने मुंबई, रायगढ़ और पुणे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं शनिवार (4 जुलाई) के लिए पालघर, ठाणे, रायगढ़, पुणे के घाट क्षेत्र तथा सतारा जिले में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है. कोंकण तटीय क्षेत्र के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. एस. डी. सानप ने बताया कि फिलहाल कोंकण तट और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में सबसे अधिक वर्षा हो रही है. राज्य में अब तक सर्वाधिक बारिश सतारा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महाबलेश्वर में दर्ज की गई है. घाटमाथा क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
विदर्भ क्षेत्र में भी मानसून सक्रिय हो गया है. नागपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. पिछले दो दिनों की बारिश से खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं जलाशयों और बांधों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है, जिससे किसानों को राहत मिली है. रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और कोंकण तटीय क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. तटीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम विभाग ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. विभाग का कहना है कि अगले चार दिन महाराष्ट्र के लिए बारिश की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे, जबकि 6 जुलाई के बाद मानसूनी गतिविधियों का असर कुछ कम पड़ सकता है.

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