सीएम फडणवीस की सख्ती का यारो फाऊंडेशन ने किया स्वागत
अल्पवयीन अपराधों पर कडाई को बताया समय की आवश्यकता

* कानून में सुधार की मांग को मजबूती मिलने की बात कही
अमरावती/दि.3- महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा अल्पवयीनों से जुड़े बढ़ते अपराधों पर व्यक्त की गई गंभीर चिंता और कानून को अधिक प्रभावी बनाने की घोषणा का अमरावती स्थित यारो फाऊंडेशन ने स्वागत किया है.
बता दे कि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि संगठित अपराधी गिरोहों द्वारा नाबालिग बच्चों का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है. इसे रोकने के लिए कानून में आवश्यक संशोधन, दोषियों के लिए कठोर दंड, संगठित अपराध कानूनों के तहत कार्रवाई तथा विषय के अध्ययन हेतु उच्चस्तरीय समिति गठित कर केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजने की घोषणा की गई है.
यारो फाउंडेशन ने इसे बाल संरक्षण और अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि संस्था पिछले कई वर्षों से किशोर न्याय कानून में सुधार, गंभीर अपराधों में नाबालिगों के दुरुपयोग पर रोक लगाने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग करती रही है. मुख्यमंत्री द्वारा इस मुद्दे को प्राथमिकता दिए जाने से प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक उपायों का मार्ग प्रशस्त होगा.
फाउंडेशन के अध्यक्ष इंजीनियर अश्विन पवार ने कहा कि बच्चों को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले व्यक्तियों और गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई समय की मांग है. मुख्यमंत्री की पहल समाज के हित में एक सकारात्मक कदम है. फाउंडेशन से जुड़े इंजीनियर श्रीजित पाटील ने कहा कि संस्था लंबे समय से इस विषय पर कानून में आवश्यक सुधार और नीतिगत बदलाव की मांग कर रही थी. राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में पहल किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र शासन का अभिनंदन किया. फाउंडेशन के उपाध्यक्ष परवेज अली ने कहा कि केवल निर्णय लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी प्रभावी और त्वरित अमलदारी भी उतनी ही आवश्यक है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से बाल अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. वहीं इंजीनियर उज्ज्वल पांडे ने कहा कि यारो फाउंडेशन ने इस विषय पर लगातार जनजागरण और नीति-स्तर पर प्रयास किए हैं. मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय सराहनीय है और इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए. फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी बाल संरक्षण, किशोर अपराधों की रोकथाम तथा बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए शासन के साथ सहयोगात्मक भूमिका निभाता रहेगा.