ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से ही युवाओं के सपनों को मिलेगी सही दिशा
महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर का प्रतिपादन

अमरावती/दि.4– राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और मूल्याधारित नेतृत्व विकसित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए. आज का भारत युवा शक्ति, तकनीक और नवाचार के दम पर विश्व में नई पहचान बना रहा है. वे श्री शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित छह दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम ‘मन से मंजिल तक : एक प्रेरणादायी प्रयास’ के समापन सत्र को संबोधित कर रही थीं.
कार्यक्रम का आयोजन आईक्यूएसी, विद्यार्थी विकास कक्ष एवं डीबीटी स्टार कॉलेज प्रोग्राम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.विजया रहाटकर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सपने देखना सफलता की शुरुआत है, लेकिन उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास, नए कौशल सीखने की ललक और चुनौतियों का सामना करने का साहस जरूरी है. उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस दौर में तकनीक से डरने के बजाय उसका सकारात्मक उपयोग कर युवाओं को स्वयं को सक्षम बनाना चाहिए. कार्यक्रम में ‘यशोदा एआई 2.0’ पहल का विशेष प्रस्तुतीकरण भी किया गया. महावीर फाउंडेशन, नई दिल्ली के जतीन माटा और मतीन संघवी ने बताया कि यह पहल विशेष रूप से युवतियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध करा रही है.रहाटकर ने शिक्षण महर्षि डॉ. पंजाबराव उपाख्य भाऊसाहेब देशमुख के शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को नमन करते हुए श्री शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे नवाचारपूर्ण प्रयासों की सराहना की.
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग के उपसंचालक रामावतार सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की उपायुक्त ज्योति कडू, प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस. पी. इंगोले, डॉ. दिनेश खेडकर, डॉ. जयश्री धोटे, डॉ. वैशाली देशमुख सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् और महाराष्ट्र गीत से हुआ. स्वागत भाषण प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस. पी. इंगोले ने दिया. संचालन डॉ. अवंतिका मानकर एवं डॉ. मनीष गायकवाड ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. जयश्री धोटे ने किया.गौरतलब है कि ‘मन से मंजिल तक’ दीक्षारंभ उपक्रम के अंतर्गत छह दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व, करियर और जीवन कौशल से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया. समापन अवसर पर विजया रहाटकर के प्रेरक संबोधन ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया.





