बीएलओ को दोपहर 2 बजे के बाद कार्यमुक्त करे

स्कूल सुबह की पाली में चलाएं

* जिलाधिकारी आशीष येरेकर के निर्देश
अमरावती /दि.4 विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुन निरीक्षण (एसआईआर) अभियान की पृष्ठभूमि में जहां विभिन्न राजनीतिक दलों ने जिले में अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी है. वहीं जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है. 29 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बने बीएलओ शिक्षकों के सामने विद्यालय और एसआईआर कार्य एक साथ कैसे किया जाए. यह सवाल खडा हो गया था. इस पर अब जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने बीएलओ को दोपहर 2 बजे के बाद एसआईआर कार्य के लिए कार्यमुक्त करने के आदेश दिए है. साथ ही बीएलओ के रूप में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्कूल सुबह की पाली में संचालित करने के निर्देश भी दिए गए है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है. इस दौरान बीएलओ को घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने और उसका डिजिटलीकरण करना अनिवार्य है. इसलिए उन्हे इस विशेष कार्य के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना आवश्यक है, ऐसा जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है. अभियान में शिक्षा, आंगणवाडी सेविकाएं, कृषि सहायक, ग्राम पंचायत कर्मचारी तथा अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. हालांकि, शिक्षकों की विद्यालयीन जिम्मेदारियां और अन्य कर्मचारियों के नियमित कार्य भी महत्वपूर्ण है. इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने संबधित अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इन कर्मचारियों को प्रतिदिन दोपहर 2 बजे के बाद एसआईआर कार्य के लिए कार्यमुक्त किया जाए.
विशेष रूप से एसआईआर अभियान में अन्य विभागों की तुलना में बीएलओ के रूप में शिक्षकों की संख्या अधिक है. शिक्षक संगठनों ने आशंका जताई थी कि यदि शिक्षक पूरे समय इस अभियान में लगे रहे तो विद्यार्थियों की पढाई प्रभावित होगी. इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को 4 जुलाई से 29 जुलाई तक स्कूलों का संचालन सुबह की पाली में करने की योजना बनाने के निर्देश दिए है.
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी बीएलओ को संबंधित कार्यालय प्रमुख द्बारा कार्यमुक्त नहीं किया जाता है और इसकी शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित कार्यालय प्रमुख के विरूध्द कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी बीएलओ को पूरे समय एसआईआर का कार्य करने के निर्देश जिलाधिकारी येरेकर ने दिए है.

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