‘लोगों की मौत पर हंसना शर्मनाक’

राज ठाकरे का भाजपा विधायक अमित साटम पर हमला

* सीएम फडणवीस से पूछा, असंवेदनशीलता पर चुप्पी क्यों?
मुंबई/दि.4- मुंबई में हाल ही में हुई दो दुखद घटनाओं को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के एक कथित वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं.
दरअसल, मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत और साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत की घटनाओं को लेकर विधानमंडल में चर्चा चल रही थी. इसी दौरान भाजपा विधायक अमित साटम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे चर्चा के दौरान मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं. विपक्षी दलों और मनसे ने इसे पीड़ित परिवारों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार बताया है. राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि देशभर में भाजपा नेताओं पर सत्ता के अहंकार के आरोप लगते रहे हैं और अब यही प्रवृत्ति महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति हमेशा अपनी मर्यादा, संवेदनशीलता और वैचारिक स्तर के लिए जानी जाती रही है, लेकिन हाल के वर्षों में यह परंपरा कमजोर होती दिखाई दे रही है.
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए लिखा कि उनके ही दल का एक विधायक लोगों की मौत जैसे गंभीर विषय पर हंसता नजर आता है, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार नेताओं को जनता की भावनाओं से दूर कर देता है और यही स्थिति अब दिखाई दे रही है. राज ठाकरे ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को हमेशा लगता रहा है कि देवेंद्र फडणवीस एक संवेदनशील और संस्कारी नेता हैं, लेकिन जब ऐसी घटनाओं पर मुख्यमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आती, तो उनकी संवेदनशीलता पर भी सवाल उठने लगते हैं. उन्होंने पूछा कि आखिर भाजपा नेताओं और मंत्रियों के विवादित बयानों तथा व्यवहार पर सरकार मौन क्यों है.
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने यह भी कहा कि पहले महाराष्ट्र में किसी भी दल का नेता गलती करता था तो वरिष्ठ नेतृत्व उसे खुलकर समझाता था और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होती थी. लेकिन अब राजनीतिक दल अपने नेताओं की गलतियों पर पर्दा डालते नजर आते हैं, जिससे गलत परंपराएं स्थापित हो रही हैं. इस पूरे विवाद के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. भाजपा की ओर से अभी तक राज ठाकरे के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं वायरल वीडियो को लेकर भी राजनीतिक हलकों में बहस जारी है.

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