नागपुर,अमरावती शहरों में पायलट प्रोजक्ट सफल
5 हजार महिलाओं को पिंक ई-रिक्शा

मुंबई /दि.4– महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधान परिषद में बताया कि राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई गुलाबी ई-रिक्शा योजना के कार्यान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है और इस वित्तीय वर्ष में कम से कम 5 हजार महिलाओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य है.
राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पिंक ई-रिक्शा योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में प्रशन विधान परिषद सदस्य चित्रा वाघ ने उठाया. चर्चा में सदस्य अभिजीत वंजारी, परिणय फुुके ने भाग लिया.इन प्रश्नों के उत्तर देते समय आदिति तटकरे ने कहा कि पहले चरण का लक्ष्य पूरा होने के बाद नगर परिषदों सहित राज्य के अन्य शहरों मेंं भी इस योजना का विस्तार करने की सरकार की मंशा है.
2024 में प्रायोगिक तौर पर पुणे, नासिक, नागपुर, अहिल्यानगर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर और सोलापुर इन आठ जिलों के प्रमुख शहरों के लिए गुलाबी ई-रिक्शा योजना शुरू की गई. इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला यात्रियोंं को सुरक्षित यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है. इसलिए पिंक ई-रिक्शा चलाने वाली महिला हो, यह शर्त रखी गई है.
मंत्री तटकरे ने यह भी बताया कि, हालाकि,कई आवेदकों ने रिक्शा स्वयं चलाने के बजाय दूसरों को चलाने देेने की अपेक्षा व्यक्त की, जिससे कई आवेदकों ने अपने आवेदन वापस ले लिए. उन्होंने कहा कि अब तक 130 पिंक ई-रिक्शों का वितरण किया गया है और वे सफलतापूर्वक चल रही है.
योजना का स्वरूप
इस योजना में ई-रिक्शा के खर्च का 20 प्रतिशत अनुदान सरकार व्दारा ,70 प्रतिशत बैेंक ऋण व्दारा और 10 प्रतिशत लाभार्थी की सहभागिता रखी गई है. यदि लाभार्थियों की आर्थिक सहभागिता हो तो योजना के प्रति जिम्मेदारी और स्थायित्व बना रहता है.





