एमेजॉन रैंकिंग टास्क के नाम पर 6.03 लाख की ऑनलाइन ठगी
साइबर चोर का नया जाल

* सॉफ्टवेअर डेवलपर को लगाया चूना, मामला दर्ज
अमरावती/दि.7- ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी और एमेजॉन रैंकिंग टास्क के नाम पर साइबर ठगों ने 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर से 6 लाख 3 हजार 739 रुपये की ठगी कर ली. इस मामले में पथरोट निवासी वेदांत अनिल कलमकर की शिकायत पर पथ्रोट पुलिस ने 4 जुलाई को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक वेदांत एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं. 25 जून को उन्हें खुद को कंपनी का रिसेप्शनिस्ट बताने वाले व्यक्ति का वॉटसएप संदेश मिला, जिसमें एमेजॉन रैंकिंग से जुड़े बी2बी टास्क पूरे कर घर बैठे पैसे कमाने का लालच दिया गया. शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए साइबर ठगों ने कुछ आसान टास्क पूरे करवाए और बोनस राशि भी उनके बैंक खाते में भेजी. इसके बाद उन्हें एक टेलिग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया. इसके बाद ठगों ने अधिक कमाई का लालच देकर वेदांत से चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम निवेश करवाई. वेदांत ने अपने और अपने भाई योगेश कलमकर के बैंक खातों से कुल 6 लाख 3 हजार 739 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. लेकिन भुगतान के बाद न तो कोई रिफंड मिला और न ही जमा रकम निकालने की अनुमति दी गई.
आरोपियों ने बाद में क्वॉइन बेस में क्रिप्टो निवेश के नाम पर और अधिक टास्क पूरे करने का दबाव बनाया. जब वेदांत ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि उनका अकाउंट फ्रीज हो गया है. अकाउंट अनफ्रीज करने और कथित क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के नाम पर उनसे बार-बार अतिरिक्त पैसे मांगे गए. ठगी का एहसास होने पर वेदांत ने साइबर हेल्पलाइन पर तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं. जांच के बाद पथरोट पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले पार्ट-टाइम जॉब, ऑनलाइन टास्क, रैंकिंग और क्रिप्टो निवेश के लालच में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे ट्रांसफर न करें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें.





