जामसावली हनुमान मंदिर के नाम पर चंदा वसुली में ठगी का पर्दाफाश
फर्जी रसीद बुक लेकर दान वसूल रहे तीन युवक गिरफ्तार, धार्मिक आस्था का उठा रहे थे फायदा

नागपुर/दि.7- मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जामसावली हनुमान मंदिर के नाम पर फर्जी चंदा और महाप्रसाद के लिए दान वसूलने वाले तीन युवकों को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को मंदिर ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों से धन एकत्र कर रहे थे. पुलिस ने उनके कब्जे से फर्जी रसीद पुस्तिकाएं बरामद की हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा सेनाजी बालके (35), राजा गंगाधर काले (22) और विशाल केशव बाल (19) के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी नागपुर के बेलतरोड़ी क्षेत्र में पहुंचे और सफल अपार्टमेंट निवासी सिविल ठेकेदार राजेंद्र किसनराव संगम से संपर्क किया. उन्होंने स्वयं को जामसावली मंदिर ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए महाप्रसाद एवं धार्मिक आयोजनों के लिए दान और चंदे की मांग की. बातचीत के दौरान आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर राजेंद्र संगम ने तत्काल बेलतरोड़ी पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. तलाशी के दौरान उनके पास से फर्जी रसीद बुक बरामद हुईं, जिनका उपयोग लोगों से धन वसूलने के लिए किया जा रहा था.
* मंदिर ट्रस्ट ने किया संबंध से इनकार
पुलिस जांच में जामसावली मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से संपर्क किया गया. ट्रस्ट के सचिव ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार युवकों का मंदिर से कोई संबंध नहीं है. उन्हें न तो किसी प्रकार की अधिकृत नियुक्ति दी गई थी और न ही दान अथवा चंदा संग्रह करने की अनुमति प्रदान की गई थी.
* लाखों रुपये की ठगी की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से धार्मिक आस्था का लाभ उठाकर विभिन्न क्षेत्रों में चंदा वसूल रहे थे. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की हो सकती है. इसी संभावना को देखते हुए पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी जांच कर रही है.
* इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
बेलतरोड़ी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नागपुर और आसपास के जिलों में इस गिरोह ने कितने लोगों से फर्जी तरीके से चंदा वसूला है तथा इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.
* पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी धार्मिक संस्था या मंदिर के नाम पर चंदा देने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और प्राधिकरण की जांच अवश्य करें. संदेह होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित ट्रस्ट से संपर्क करें, ताकि इस प्रकार की ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.





