मुंह में दिखने वाले इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

हो सकती है ओरल कैंसर की शुरुआत; विशेषज्ञ की चेतावनी

मुंबई/दि.7- देश में ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हालांकि, यदि इस बीमारी का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसका सफलतापूर्वक इलाज संभव है. इसलिए मुंह में दिखाई देने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.
हेड एंड नेक ऑन्को सर्जन डॉ. अमित चक्रवर्ती के अनुसार, ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर दर्दरहित होते हैं. यही कारण है कि कई लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे बीमारी आगे बढ़ जाती है और इलाज अधिक जटिल हो जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मुंह में कोई घाव लंबे समय तक न भरे, सफेद या लाल धब्बे दिखाई दें या कोई अन्य असामान्य बदलाव नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. शुरुआती अवस्था में ओरल कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज अधिक प्रभावी होता है और मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
* ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण
मुंह में दो सप्ताह से अधिक समय तक न भरने वाला घाव या अल्सर, मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना, गाल के अंदर गांठ या मोटापन महसूस होना, लगातार दर्द रहना, चबाने या निगलने में परेशानी होना, दांतों का ढीला पड़ना, मुंह में सुन्नपन महसूस होना, बिना किसी स्पष्ट कारण के खून आना, आवाज में बदलाव या लगातार गले में दर्द, गर्दन में सूजन या गांठ महसूस होना, यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए दंत चिकित्सक या कैंसर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए.
* किन लोगों में अधिक होता है खतरा?
धूम्रपान, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला का सेवन, नियमित शराब पीना और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान न रखना ओरल कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं. हालांकि, जिन लोगों को कोई नशे की आदत नहीं है, उन्हें भी यह बीमारी हो सकती है. इसलिए सभी लोगों को अपने मौखिक स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देना चाहिए.
* बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
– तंबाकू और गुटखा का सेवन पूरी तरह बंद करें.
– शराब का सेवन सीमित करें या छोड़ दें.
– मुंह और दांतों की नियमित सफाई रखें.
– भोजन में ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें.
– समय-समय पर दंत चिकित्सक से मुंह की जांच कराएं.
– हर महीने स्वयं भी मुंह का निरीक्षण करें.

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