क्या आपके बच्चे का प्री-स्कूल पंजीकृत है?

अभिभावक रहें सतर्क, शिक्षा विभाग ने जारी की चेतावनी

अमरावती/दि.10- जिले में प्ले-ग्रुप, नर्सरी, केजी, किंडरगार्टन और प्री-स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में बच्चों के साथ मारपीट, लापरवाही और सुरक्षा में चूक की घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपने बच्चों के स्कूल का पंजीकरण जांचने की अपील की है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की प्री-प्राइमरी शिक्षा को प्राथमिक शिक्षा से जोड़ा गया है. इसके साथ ही सभी प्री-प्राइमरी स्कूलों का सरकारी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. हालांकि, जिले में कई संस्थानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिससे उनकी निगरानी और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं.
* पंजीकरण क्यों है जरूरी?
शिक्षा विभाग के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही किसी प्री-स्कूल की नियमित निगरानी, निरीक्षण और नियमों के पालन की जांच की जा सकती है. बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
* केवल 250 स्कूल ही पंजीकृत
जानकारी के अनुसार, जिले में प्राथमिक विद्यालयों से संबद्ध करीब 250 प्री-प्राइमरी स्कूल ही शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं. वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निजी प्री-स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कई अब भी पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर हैं.
* सुविधाओं की कमी पर सवाल
अभिभावकों की ओर से कई प्री-स्कूलों में पर्याप्त कक्षाओं, खेल सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव की शिकायतें भी सामने आ रही हैं. कई संस्थान रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में संचालित किए जा रहे हैं.
* शिकायत कहां करें?
यदि किसी प्री-स्कूल में अनियमितता, सुरक्षा संबंधी कमी या बिना पंजीकरण संचालन की जानकारी मिले, तो अभिभावक संबंधित समूह शिक्षा अधिकारी, शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे का प्रवेश कराने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित प्री-स्कूल सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत है और वहां सुरक्षा एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

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