सावधान : अमरावती में 56 स्कूल बसें-वैन बिना फिटनेस के दौड़ रहीं

बच्चों की सुरक्षा पर खतरा, 996 में से 940 वाहनों की फिटनेस मंजूर

* 56 अब भी अनफिट, आरटीओ का विशेष अभियान शुरू
अमरावती/दि.13– नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है. अमरावती जिले में 56 स्कूल बसें और वैन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर दौड़ रही हैं. इन वाहनों में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों का आवागमन हो रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अनुसार जिले में स्कूल विद्यार्थियों के परिवहन के लिए कुल 996 वाहन पंजीकृत हैं. इनमें से 940 वाहनों की फिटनेस जांच पूरी कर उन्हें सुरक्षित घोषित किया गया है, जबकि 56 वाहन मालिक बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अब तक अपनी गाड़ियों की फिटनेस जांच नहीं करा सके हैं. मोटर वाहन अधिनियम के तहत स्कूल बस, वैन अथवा अन्य छात्र परिवहन वाहनों का प्रत्येक शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले फिटनेस परीक्षण अनिवार्य है. इसके बावजूद कुछ वाहन बिना जांच के ही संचालित किए जा रहे हैं. आरटीओ ने ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है. विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2012 की नवसारी टी-पॉइंट दुर्घटना आज भी लोगों के जेहन में है. उस हादसे में एक एसटी बस की टक्कर से स्कूली वैन में सवार चार मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि आठ छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे. इसी घटना को देखते हुए परिवहन विभाग अभिभावकों से भी अपील कर रहा है कि वे अपने बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों से ही स्कूल भेजें. उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नंदकिशोर काले ने बताया कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र संचालित हो रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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