इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से बढ़ीं वाहन खराब होने की शिकायतें

बारिश में नमी बनी बड़ी वजह

अमरावती /दि.14- केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जा रहा है. इसी बीच अमरावती में दोपहिया वाहनों के अचानक बंद होने की शिकायतें बढ़ने लगी हैं. मैकेनिकों का दावा है कि मानसून के दौरान पेट्रोल में नमी या पानी मिल जाने से इंजन में खराबी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे रिपेयर सेंटरों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है.
जानकारों के अनुसार, पहले पेट्रोल में लगभग 5 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 प्रतिशत और अब 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है. इथेनॉल में पानी को तेजी से अवशोषित करने की क्षमता होती है. ऐसे में यदि बारिश के मौसम में पेट्रोल टैंक में नमी या पानी पहुंच जाए, तो पेट्रोल और इथेनॉल का मिश्रण प्रभावित हो सकता है, जिससे इंजन तक ईंधन की आपूर्ति बाधित होने लगती है. अमरावती के मैकेनिक फैजान खान का कहना है कि ऐसे मामलों में वाहन का कार्बोरेटर और फ्यूल सिस्टम साफ करने के बाद वाहन दोबारा चलने लगता है, लेकिन कई बार माइलेज पर भी असर पड़ता है. उनका कहना है कि हाल के दिनों में इस तरह की शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है.
वहीं, अमरावती जिला पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत मोरे ने बताया कि यदि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पानी के संपर्क में आता है तो तकनीकी समस्या उत्पन्न हो सकती है. इससे कई बार वाहन चालक पेट्रोल में पानी मिलने का संदेह जताकर पेट्रोल पंप संचालकों से विवाद करते हैं, जबकि हर मामले में इसकी जिम्मेदारी पेट्रोल पंप की हो, ऐसा जरूरी नहीं है. वाहन चालक निलेश कंचनपुरे ने दावा किया कि पेट्रोल भरवाने के कुछ ही किलोमीटर बाद उनकी बाइक बंद हो गई और मैकेनिक ने संभावित कारण इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में नमी बताया. हालांकि, इस संबंध में किसी सरकारी एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की है कि सभी वाहन खराबियों का कारण इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल ही है. विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में वाहन मालिकों को फ्यूल टैंक में पानी या नमी जाने से बचाने के लिए नियमित देखभाल और समय-समय पर वाहन की जांच कराते रहना चाहिए.

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