स्मार्ट मीटर में कैमेरा होने की अफवाह फैलाना पडा भारी
यूट्यूब संपादक और ग्राहक प्रतिनिधि पर मामला दर्ज

अमरावती/दि.14 – महावितरण के स्मार्ट मीटर में कैमरा होने का झूठा दावा कर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में सिंधुदुर्ग जिले के एक ग्राहक प्रतिनिधि और एक यूट्यूब चैनल के संपादक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. महावितरण ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें, क्योंकि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें किसी प्रकार का कैमरा या गोपनीयता भंग करने वाला उपकरण नहीं है.
महावितरण के अनुसार, सिंधुदुर्ग जिले के ग्राहक संगठन के नंदन मेघश्याम वेंगुर्लेकर तथा ‘कोकणसाद’ यूट्यूब न्यूज चैनल के संपादक सागर चव्हाण के खिलाफ सावंतवाड़ी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि दोनों ने स्मार्ट मीटर में कैमरा होने का झूठा दावा कर नागरिकों में भय और भ्रम का वातावरण पैदा किया. महावितरण ने बताया कि सावंतवाड़ी में 10 जुलाई को स्मार्ट मीटर विषय पर आयोजित एक चर्चा में उपकार्यकारी अभियंता योगेंद्र वाघ, ग्राहक प्रतिनिधि नंदन वेंगुर्लेकर और दीपक पटेकर शामिल हुए थे. चर्चा के दौरान महावितरण की ओर से स्मार्ट मीटर के लाभ और तकनीकी जानकारी दी गई तथा लगाए गए आरोपों का खंडन किया गया.
इसके बावजूद आरोप है कि वेंगुर्लेकर ने स्मार्ट मीटर में कैमरा होने और उपभोक्ताओं की निजी जिंदगी पर निगरानी रखने का दावा किया. बाद में यूट्यूब चैनल ने महावितरण का स्पष्टीकरण हटाकर चर्चा का संपादित अंश ‘स्मार्ट मीटरची चिरफाड’ शीर्षक से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिससे लोगों में भ्रम फैलने की आशंका उत्पन्न हुई. महावितरण ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक और सुरक्षित तकनीक पर आधारित हैं तथा उनमें किसी प्रकार का कैमरा या निगरानी प्रणाली नहीं होती. संस्था ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और भ्रामक संदेशों या अफवाहों से सावधान रहें. साथ ही चेतावनी दी गई है कि स्मार्ट मीटर के संबंध में झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





