मिलावटखोरों पर मकोका और हत्या का मामला दर्ज हो

पूर्व पार्षद मुन्ना राठौड़ की मांग

अमरावती/दि.16– पूर्व नगरसेवक मुन्ना राठौड़ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे लोगों पर मकोका तथा भारतीय न्याय संहिता/हत्या से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में मिलावट के कारोबार पर प्रभावी रोक लग सके.
राठौड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के पदभार संभालने के बाद मिलावट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के कारण वर्षों से चल रहे मिलावटी दूध, पनीर, मक्खन, खोया तथा अन्य डेयरी उत्पादों और खाद्य सामग्री के कारोबार का खुलासा हुआ है. उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से लोग कैंसर, हृदय रोग और पेट संबंधी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. हाल के दिनों में राज्यभर में डेयरियों, होटलों, रेस्टोरेंट, खाद्य पदार्थों, मसालों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर एफडीए की कार्रवाई से आम जनता को पहली बार बड़े पैमाने पर मिलावट की वास्तविकता का पता चला है.
पूर्व नगरसेवक ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांग की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले तथा प्रतिबंधित फ्लेवरयुक्त तंबाकू का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि ऐसे मामलों में संगठित अपराध और गंभीर आपराधिक धाराएं लगाने से मिलावट के कारोबार पर अंकुश लगेगा और कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में कमी लाने में मदद मिलेगी. हालांकि, यह मांग पूर्व नगरसेवक मुन्ना राठौड़ का बयान है. किसी व्यक्ति या कारोबारी पर कौन-सी धाराएं लागू होंगी, इसका निर्णय जांच एजेंसियां और न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों एवं लागू कानून के आधार पर करते हैं.

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