दूसरे राज्यों की कई बीज कंपनियां कृषि विभाग के रडार पर

लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश

अमरावती /दि.16- जिले में सोयाबीन के बीजों के खराब अंकुरण को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने कई बीज कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. विभाग ने इंदौर की इनोवेज एग्रो, पार्श्व जेनेटिक्स, खंडवा की श्री श्री सीड्स, ग्रीन गोल्ड एग्रीटेक और रवि सीड्स समेत कई कंपनियों के बीज बिक्री लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश पुणे स्थित कृषि निदेशक को भेजी है.
कृषि विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 655 शिकायतें छत्रपति संभाजीनगर की बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स कंपनी की ‘हुतुतु’ और ‘खो-खो’ किस्मों के खिलाफ दर्ज हुई हैं. इस मामले में 11 जुलाई को गाडगेनगर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. प्रभारी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी (एसएओ) अर्चना निस्टाने ने बताया कि कंपनी का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की भी सिफारिश की गई है. इस वर्ष जिले में औसतन 6.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है, जिसमें से 5.66 लाख हेक्टेयर (83 प्रतिशत) क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. हालांकि, अधिकांश क्षेत्रों में बीजों का अंकुरण नहीं होने से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं.
* 34 बीज नमूने घटिया पाए गए
कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षकों ने अब तक 408 बीज नमूने जांच के लिए लिए हैं. इनमें से प्राप्त 103 जांच रिपोर्टों में 34 नमूने मानक से कम गुणवत्ता के पाए गए हैं. दोषी कंपनियों के खिलाफ बीज अधिनियम, 1966 और संबंधित नियमों के तहत आपराधिक एवं कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. विभाग अन्य कंपनियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है.
* सोयाबीन अंकुरण न होने की 1007 शिकायतें
जिले में अब तक सोयाबीन के अंकुरण न होने की 1007 शिकायतें दर्ज हुई हैं. इनमें अमरावती तहसील से 216, मोर्शी से 139, तिवसा से 135, नांदगांव खंडेश्वर से 132, चांदूर रेलवे से 130, अंजनगांव से 90, चांदूर बाजार से 79, अचलपुर से 56, धामनगांव से 17, चिखलदरा से 7 तथा भातकुली से 6 शिकायतें शामिल हैं. इनमें से 817 शिकायतों की जांच पूरी कर ली गई है. कृषि विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्टों के आधार पर दोषी कंपनियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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