आफाक हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी मयूर कुराडे निकला बालिग

मयूर के खिलाफ पहले से अमरावती सहित संभाजीनगर में भी दर्ज हैं संगीन मामले

* हिरासत में रहनेवाले दो नाबालिगों में से एक पर हाफ मर्डर के तीन मामले दर्ज
* सभी आरोपियों का पुणे की कोयता गैंग से भी कनेक्शन रहने की जानकारी
* एक नाबालिग पर पहले से हत्या के प्रयास के तीन अपराध; चौथे आरोपी की तलाश तेज
* इंस्टाग्राम को लेकर विवाद से शुरू हुआ था खूनी खेल, चौथे आरोपी की सरगर्मी से तलाश जारी
अमरावती/दि.17 – राजेंद्र कॉलोनी-विजय कॉलोनी क्षेत्र में हुए चर्चित शेख आफाक हत्याकांड की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मयूर कुराडे उर्फ मया के खिलाफ छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, मामले में पकड़े गए अन्य दो नाबालिगों में से एक नाबालिग आरोपी पर भी हत्या के प्रयास सहित गंभीर अपराधों का रिकॉर्ड सामने आया है. पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के संबंध पुणे की कुख्यात ‘कोयता गैंग’ से हो सकते हैं.
फ्रेजरपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात की जड़ एक युवती को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार युवती की एक नाबालिग युवक से मित्रता थी, जबकि वह शेख आफाक के एक मित्र से भी इंस्टाग्राम पर बातचीत कर रही थी. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ता गया. बताया जाता है कि विवाद सुलझाने के लिए युवती ने राजेंद्र कॉलोनी क्षेत्र में संबंधित युवकों को बुलाया था. बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने शेख आफाक पर कोयते से हमला कर दिया. आफाक ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी.
* मयूर कुराडे को पहले समझा गया था नाबालिग
हत्याकांड के बाद पुलिस ने मयूर कुराडे उर्फ मया को हिरासत में लिया था. प्रारंभिक तौर पर उसकी उम्र नाबालिग मानी जा रही थी, लेकिन दस्तावेजों की गहन जांच के बाद उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक पाई गई. इसके बाद पुलिस ने उसे बालिग आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मयूर कुराडे को 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड (पीसीआर) में भेज दिया है. पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम, हथियारों की उपलब्धता और अन्य आरोपियों की भूमिका की जानकारी जुटा रही है.
* संभाजीनगर और अमरावती में दर्ज हैं मामले
जांच में यह भी सामने आया है कि मयूर कुराडे के खिलाफ छत्रपति संभाजीनगर में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा अमरावती शहर में एक बड़े व्यापारी के साथ मारपीट के मामले में भी उसके खिलाफ अपराध दर्ज है. पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है.
* दो नाबालिग रिमांड होम भेजे गए
मामले में हिरासत में लिए गए दो नाबालिग आरोपियों को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद रिमांड होम (बाल सुधार गृह) भेज दिया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए नाबालिगों में से एक आरोपी पर पहले से हत्या के प्रयास के तीन मामले तथा मारपीट कर घायल करने का एक मामला दर्ज है. कम उम्र में गंभीर आपराधिक गतिविधियों में उसकी संलिप्तता ने पुलिस को भी चौंका दिया है.
* चौथे आरोपी की तलाश जारी
हत्याकांड का एक अन्य प्रमुख आरोपी अभी भी फरार है. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं. जांच में सामने आया है कि फरार आरोपी के खिलाफ भी पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या की साजिश और घटनाक्रम के कई महत्वपूर्ण पहलुओं से पर्दा उठ सकेगा.
* कोयता गैंग कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले में शामिल युवकों का संबंध पुणे की चर्चित कोयता गैंग से हो सकता है. मुख्य फरार नाबालिग आरोपी सहित अन्य आरोपियों के सोशल मीडिया संपर्क, मोबाइल कॉल डिटेल, आपराधिक रिकॉर्ड और बाहरी जिलों में मौजूद नेटवर्क की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपियों ने कोयता गैंग की तर्ज पर ही इस हमले को अंजाम दिया था या उनका किसी संगठित आपराधिक गिरोह से प्रत्यक्ष संबंध है.
* युवती से भी पूछताछ जारी
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाली युवती से भी पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि उसके बयान से विवाद की शुरुआत, आरोपियों के बीच हुई बातचीत और हत्या से पहले की घटनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.
* शहर में बढ़ती गैंग संस्कृति पर चिंता
आफाक हत्याकांड ने एक बार फिर अमरावती में युवाओं के बीच बढ़ती गैंग संस्कृति और सोशल मीडिया विवादों के हिंसक रूप लेने की प्रवृत्ति को उजागर कर दिया है. कम उम्र के आरोपियों का गंभीर अपराधों में शामिल होना और उनका कथित रूप से बाहरी आपराधिक गिरोहों से जुड़ाव पुलिस और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है. फिलहाल फ्रेजरपुरा पुलिस, अपराध शाखा और अन्य जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं. पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड का पूरा सच सामने आ सकेगा.

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