निलंबित ग्राम राजस्व अधिकारी विपुल ठाकरे को बर्खास्त करने की मांग
पालकमंत्री को सौंपा ज्ञापन, निलंबन की शर्तों के उल्लंघन का भी लगाया आरोप

* आपराधिक मामलों और विभागीय जांच में तेजी लाने की मांग
अमरावती /दि.18- निलंबित ग्राम राजस्व अधिकारी विपुल भानुदास ठाकरे के खिलाफ विभागीय जांच जल्द पूरी कर उन्हें सेवा से बर्खास्त करने तथा नियमों के तहत आगे की विभागीय कार्रवाई करने की मांग को लेकर अमरावती निवासी एकता रोशन साहू ने जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को ज्ञापन सौंपा है.
ज्ञापन में बताया गया है कि उनकी शिकायत के आधार पर 19 मई को विपुल ठाकरे के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद अमरावती के जिलाधिकारी ने 1 जुलाई को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. निलंबन आदेश के अनुसार उन्हें धामणगांव रेलवे तहसील कार्यालय को मुख्यालय बनाकर वहीं उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निलंबन आदेश की शर्तों के बावजूद विपुल ठाकरे निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित नहीं हुए. यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो इसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए अलग से विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए.
इसके अलावा, निलंबन के बाद 9 जुलाई को पथ्रोट पुलिस थाने में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया गया. आरोप है कि इस मामले में देशी पिस्तौल की खरीद-बिक्री से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच जारी है. ज्ञापन में मांग की गई है कि इस नए प्रकरण को भी विभागीय जांच में शामिल किया जाए. ज्ञापन के माध्यम से पालकमंत्री से अनुरोध किया गया है कि विभागीय जांच को शीघ्र पूरा कर दोष सिद्ध होने पर विपुल ठाकरे को सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा सभी मामलों में नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.





