‘कोणार्क’ के सफाई कर्मियों का कामबंद आंदोलन खत्म
पूरे शहर में साफसफाई का काम हुआ पहले की तरह सुचारू

अमरावती/दि.17- बकाया वेतन अदा करने सहित अन्य आर्थिक लाभ देने की मांग को कोणार्क कंपनी द्वारा मान्य किए जाने के चलते विगत 4 दिनों से शहर के तीन झोन में सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा कामबंद आंदोलन खत्म हो गया. ऐसी जानकारी मनपा के स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव द्वारा दी गई.
बता दे कि, शहर के तीन झोन में सफाई कर्मचारियों का कामबंद आंदोलन जारी रहने के चलते शहर में हर ओर कचरे व गंदगी के ढेर लगे हुए थे. इस बात की ओर मनपा की आमसभा में कई पार्षदों ने मनपा प्रशासन का ध्यान दिलाया था. शहर में साफसफाई, कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का एकल व संयुक्त ठेका प्राप्त रहनेवाली कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. कंपनी शुरूआत से ही विवादों के घेरे में फंसी हुई है. एक ओर अप्राप्त मनुष्यबल व सीमीत यंत्र सामग्री की वजह से शहर में साफसफाई की व्यवस्था का पहले ही सत्यानाश हुआ पडा है. वहीं दूसरी ओर जो सफाई कामगार कोणार्क कंपनी के साथ काम कर रहे है, वे भी खुद को वेतन व सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आए दिन कामबंद आंदोलन के पर्याय का प्रयोग करते है.
चार दिन पहले भी कोणार्क कंपनी के सफाई कर्मियों ने खुद को समय पर वेतन नहीं मिलने सहीत ईएसआयसी व ईपीएफ की सुविधा नहीं मिलने की बात कहते हुए कामबंद आंदोलन करना शुरू किया था. जिसके चलते विगत चार दिनों से शहर के तीन प्रभागों में साफसफाई व कचरा संकलन का काम बंद पडा हुआ था. इसी बीच गुरुवार को कोणार्क कंपनी ने सभी कर्मचारियों को तत्काल वेतन देने की बात को मान्य किया. जिसके बाद सफाई कामगारों ने अपने कामबंद आंदोलन को पीछे लिया. ऐसे में आज सुबह से शहर के सभी प्रभागों में एक बार फिर साफसफाई के काम पूर्ववत सुचारू हुए.





