दिव्यांग दम्पत्तियों को सरकार देगी 2.50 लाख का अनुदान

अमरावती/दि.24– राज्य के दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के उपरांत आर्थिक आधार मिले तथा उनका घर संसार ज्यादा सक्षम तरिके से चले, इस हेतु सामाजिक न्याय विभाग के मार्फत चलाई जानेवाली दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत लाभार्थियों को अनुदान का तत्काल वितरण करने हेतु राज्य भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के अंतर्गत पात्र दम्पत्तियों के आवेदनों का जलद गती से निपटारा करते हुए आगामी 15 अगस्त को स्वाधिनता दिवस पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रतिकात्मक तौर पर लाभ प्रदान किया जाएगा. इस योजना के अंतर्गत दिव्यांग व अव्यंग विवाह के लिए डेढ लाख रूपये तथा दिव्यांग-विवाह हेतू ढाई लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है. यह रकम लाभार्थी पती-पत्नी के संयुक्त बैंक अकाऊंट में सीधे जमा होती है.

* क्या है दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना
दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहन देने हेतु राज्य सरकार की ओर से दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना चलाई जाती है. दिव्यांगों को विवाह के बाद आर्थिक स्थिरता मिले यह इस योजना का मुख्य उद्देश है. जिसके तहत दिव्यांग व अव्यंग विवाह के लिए डेढ लाख रूपये तथा दिव्यांग-विवाह हेतू ढाई लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है. यह रकम लाभार्थी पती-पत्नी के संयुक्त बैंक अकाऊंट में सीधे जमा होती है.

* पात्रता हेतु नियम व शर्ते
आवेदक महाराष्ट्र के निवासी होने चाहिए, आवेदकों का विवाह कानुनी तौर पर पंजीकृत होना चाहिए, आवेदकों द्वारा सरकार की ओर से निश्चित किए गए सभी मानकों की पुर्तता करना आवश्यक है.

* दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत दिव्यांग जोडों को ढाई लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाता है. पात्र दिव्यांग दम्पत्तियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के साथ त्वरीत आवेदन किया जाना चाहिए. इस योजना के तहत अब तक 32 दिव्यांग जोडों को आर्थिक लाभ मिल चुका है.
– पुरूषोत्तम शिंदे,
दिव्यांग सक्षमीकरण अधिकारी

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