अमरावती में छह माह में 134 बच्चे लापता, 116 नाबालिग लड़कियां शामिल

सोशल मीडिया और प्रेम संबंध प्रमुख कारण

* पुलिस ने अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
अमरावती/दि.25– महाराष्ट्र में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2025 में राज्य से 48,278 महिलाएं और 12,113 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं. वर्ष 2024 में यह आंकड़ा क्रमशः 45,662 महिलाएं और 11,316 नाबालिग लड़कियां था. अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में जनवरी से जून 2026 के दौरान 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 134 बच्चे लापता हुए. इनमें 116 नाबालिग लड़कियां और 18 लड़के शामिल हैं. इन मामलों की तलाश के लिए पुलिस ऑपरेशन शोध और ऑपरेशन मुस्कान अभियान चला रही है.
जानकारी के मुताबिक अब तक दर्ज 134 मामलों में से 108 बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 26 की तलाश जारी है. बरामद बच्चों में 91 लड़कियां और 17 लड़के शामिल हैं. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई मामलों में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, प्रेम संबंध, अकेलापन, स्कूल-कॉलेज में बढ़ता मेलजोल तथा फिल्मों और प्रेम कहानियों का प्रभाव प्रमुख कारण बन रहे हैं. कई लड़कियां घर से भागकर प्रेम विवाह कर लेती हैं और कुछ समय बाद परिवार के पास लौटती हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ परिवार सामाजिक बदनामी के डर से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं, जिससे जांच प्रभावित होती है.
* अभिभावकों के लिए पुलिस की सलाह
बच्चों की मित्र मंडली और उनकी गतिविधियों पर नियमित नजर रखें, बच्चों के दोस्तों के अभिभावकों से संपर्क बनाए रखें, सोशल मीडिया के उपयोग पर निगरानी रखें और बच्चों से खुलकर संवाद करें, बच्चा लापता होने पर बिना देर किए तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं. पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना और परिवार का सहयोग मिलने से लापता बच्चों को सुरक्षित खोजने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

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