डॉ. नरेंद्र भिवापुरकर अंध विद्यालय में हीरक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया

नेत्रहीन विद्यार्थियों की सेवा के 60 वर्ष पूरे

अमरावती/दि.25– दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए पिछले 60 वर्षों से निरंतर कार्यरत ‘द ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन’ संचालित डॉ. नरेंद्र भिवापुरकर अंध विद्यालय एवं आश्रित अंध कर्मशाला के स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को संस्थान परिसर स्थित ‘विद्यावती श्रीवास्तव सदन’ में हीरक महोत्सव समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया.
समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात उद्योगपति सुधीरसेठ भिवापुरकर ने की, जबकि उद्घाटन पद्मश्री जनार्दन बोथे के हाथों संपन्न हुआ. कार्यक्रम में जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी बी. एस. रायबोले, प्रादेशिक उपायुक्त कार्यालय की सरिता बोबडे, गोपाल ब्रिजमोहन मुंदडा एवं अमर बालकृष्ण सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. उद्घाटन अवसर पर पद्मश्री जनार्दन बोथे ने संस्था के अनुशासित एवं समाजोपयोगी कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया. जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी बी. एस. रायबोले ने कहा कि यह संस्था अमरावती जिले की दिव्यांग संस्थाओं के लिए एक सच्चा दीपस्तंभ है. अध्यक्ष सुधीरसेठ भिवापुरकर ने अपने पिता की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि उनके नाम से जुड़ी यह संस्था आज भी समाज की सेवा कर रही है, यह उनके लिए गर्व की बात है.
इस अवसर पर उन्होंने गुरुनानक सेवा ट्रस्ट की ओर से संस्था को 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. संस्था के अध्यक्ष प्रवीण मालपानी ने स्वागत भाषण में संस्था की 60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख किया. इसके बाद दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए. समारोह में संस्था की 60 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका तथा विभिन्न परियोजनाओं की विशेष डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई. कार्यक्रम का संचालन पंकज मुदगल एवं योगेश चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संस्था के प्रभारी सचिव धनंजय नाकील ने किया. समारोह में पूर्व शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व विद्यार्थी, दानदाता तथा विद्यालय एवं कर्मशाला के शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों के लिए फराल (उपवासाहार) की व्यवस्था की गई. शाम को ‘रघुवीर रिफ्रेशमेंट’ के संचालक चंद्रकांत पोपट के हाथों तथा विशेष कार्यकारी अधिकारी ज्योत्स्नाताई शेटे की उपस्थिति में आयोजित संगीत संध्या कार्यक्रम ने हीरक महोत्सव को यादगार बना दिया. समारोह का समापन उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ.

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