मराठी आंदोलनकारी ने फिर झुकाया दिल्ली को
अन्ना हजारे के बाद अभिजीत दीपके चमके

* सर्वत्र उन्हीं की चर्चा
मुंबई/दि.25 – दिल्ली के सत्ताधीशों को एक बार फिर मराठी आंदोलनकारी ने झुका दिया है. डेढ दशक पहले अन्ना हजारे के आंदोलन से तत्कालीन कांग्रेस सरकार हिल गई थी. अब अभिजीत दीपके इस युवा मराठी आंदोलनकारी ने मोदी सरकार को हिला दिया. आखिर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को त्यागपत्र देना पडा.
हमेशा कहा जाता है कि, दिल्ली का भी तख्त रखता है महाराष्ट्र माझा. ऐसे में अभिजीत दीपके द्वारा कॉकरोच पार्टी बनाकर खडा किया गया आंदोलन रफ्तार पकड गया. दीपके केंद्र से भिड गए. लड पडे. जीत गए. दो माह के उनके दल ने सिस्टम को हिला दिया. बीजेपी सरकार को उनकी मांगे मान्य करनी पडी. धर्मेंद्र प्रधान की विकेट गिरी.
2011 में वरिष्ठ समाजसेवी, गांधीवादी अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था. उनका भी आंदोलन देशभर में गुंजायमान हुआ. पब्लिक का जोरदार सपोर्ट भ्रष्टाचार विरोधी इस आंदोलन को प्राप्त हुआ. आंदोलन के कारण आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई नेता देश की राजनीति में आए. उस समय बाबा रामदेव भी प्रसिद्ध हुए. माना जाता है कि, आंदोलन के कारण ही 2014 में कांग्रेस सत्ता से बेदखल हुई. अन्ना हजारे के बाद आज दीपके ने मैदान मार लिया. देश के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा की गई टिप्पणी पर ही कॉकरोच जनता पार्टी बनाकर दीपके ने सोशल मीडिया पर अभियान छेड दिया. उनकी डिजिटल मुहिम ने रंग दिखाया. युवा सीजेपी से जुडते गए. आज केंद्र को पहला बडा झटका देने में दीपके सफल रहे हैं. एक बार फिर मराठी व्यक्ति, आंदोलनकारी की तूती बोली.





