56 लाख किसानों का कर्ज होगा माफ, 48 हजार करोड़ का बिजली बकाया भी समाप्त
सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पत्रकार परिषद में सरकार के किसान हितैषी फैसलों की दी जानकारी

अमरावती/दि.25 – राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने शनिवार को आयोजित पत्रकार परिषद में महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ राज्य के किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित होगी. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 56 लाख किसानों को 36,585 करोड़ की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा, जबकि किसानों के 48 हजार करोड़ के पुराने बिजली बिल भी माफ किए जाएंगे.
डॉ. बोंडे ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की है कि महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत पहले लागू 50 हजार की सीमा समाप्त कर दी गई है. अब पात्र किसानों को 2 लाख तक की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा. साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए नियमित कर्ज चुकाने की शर्त भी समाप्त कर दी गई है, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही है. किसानों को पहले से ही साढ़े सात हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों पर बिजली बिल में राहत दी जा रही है और अब 48 हजार करोड़ के पुराने बिजली बकाया को भी सरकार अपने स्तर पर वहन करेगी.
पत्रकार परिषद में डॉ. बोंडे ने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र पर प्रतिवर्ष लगभग 95 हजार करोड़ खर्च कर रही है. सरकार ने किसानों से 136 लाख क्विंटल कपास की खरीद कर 10,883 करोड़ का भुगतान किया है. इसके अलावा प्याज खरीद, ड्रिप सिंचाई, कृषि समृद्धि योजना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है. नदी जोड़ो परियोजना, वैनगंगा-नलगंगा लिंक, नए बांधों के निर्माण और पुराने बांधों की ऊंचाई बढ़ाने जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है. पश्चिमी महाराष्ट्र के अतिरिक्त पानी को मराठवाड़ा और विदर्भ तक पहुंचाने की योजना भी तैयार की गई है, जिससे भविष्य में सूखे की समस्या पर स्थायी समाधान मिल सकेगा.
डॉ. बोंडे ने बताया कि सरकार सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंपों और सोलर कृषि फीडर योजना के माध्यम से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है. वर्तमान में लगभग 76 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और वर्ष के अंत तक यह सुविधा सभी किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कर्जमाफी और बिजली बिल माफी का निर्णय बिना किसी चुनावी दबाव के लिया है. सरकार का उद्देश्य केवल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, कृषि को लाभकारी बनाना और भविष्य की चुनौतियों के लिए कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है. पत्रकार परिषद में डॉ. अनिल बोंडे के अलावा विधायक व ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रताप अडसड, शहराध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, विधायक पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल, विधायक प्रवीण तायडे, विधायक राजेश वानखडे, पूर्व शहराध्यक्ष किरण पातुरकर, रवींद्र खांडेकर, तुषार भारतीय, शिवराय कुलकर्णी, चेतन पवार, बादल कुलकर्णी, मनपा पक्ष नेता चेतन गावंडे, नगरसेविका राधा कुरील आदि उपस्थित थे.





