महानगरपालिका ही करेेगी फवारणी व धुवारणी!

स्थायी समिती की बैठक में प्रस्ताव होगा प्रस्तुत

अमरावती /दि.28- बारिश का मौसम शुरू होते ही अमरावती शहर में डेंग्यू, मलेरिया व चिकन गुनिया जैसी संक्रामक बिमारियों का प्रादुर्भाव बढने लगा है. जिसे रोकने हेतु शहर के सभी रिहायशी इलाकों में किटनाशकों के छिडकाव यानी फवारणी व धुवारणी का काम किए जाने की जरूरत है. परंतु शहर की साफसफाई की जिम्मेदारी रखनेवाली ठेकेदार एजेंसी कोणार्क कंपनी द्वारा इन कामों को नहीं किया जाता. जिसके चलते अब अमरावती महानगरपालिका ने अब अपने अतिरिक्त खर्च से शहर में फवारणी व धुवारणी यानी फॉगिंग व स्प्रिकिंग का काम शुरू करने का निर्णय लिया है. जिससे संबंधित प्रस्ताव आज हुई स्थायी समिती की बैठक में रखे जाने का अनुमान भी जताया गया है. उल्लेखनिय है कि, स्वच्छता अभियान समिती ने अपने रिपोर्ट में जिन कामों का जिम्मा कोणार्क कंपनी पर सौंपने की बात कहीं थी, उस जिम्मेदारी को अब खुद मनपा द्वारा अपने कंधे पर लिया जा रहा है. जिसके चलते एक बार फिर यह सवाल उपस्थित हो रहा है कि, क्या मनपा प्रशासन दुबारा कोणार्क कंपनी पर मेहरबान हो रहा है.
बता दे कि, अमरावती महानगरपालिका के पांचों झोन कार्यालय के कार्यंक्षेत्रों में स्वच्छता व कचरा ढुलाई व्यवस्था के काम हेतु करोडों रूपयों का ठेका कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को दिया गया है. परंतु यह ठेका शुरू से ही विविध कारणों के चलते विवादों के घेरे में अटका हुआ है. ठेका करार के अनुसार काम नहीं होने के चलते लापरवाही व कोताही का आरोप लगाते हुए महानगरपालिका ने कोणार्क कंपनी पर एक लाख रूपये का दंड भी लगाया था. परंतु अब तक दंड की राशि वसुल नहीं हुई. वहीं दूसरी ओर मनपा प्रशासन व कोणार्क कंपनी के बीच हुए करार में फॉगिंंग व स्प्रिकिंग के कामों का कोई उल्लेख भी नहीं है. जिसके चलते बारिश का मौसम शुरू हो जाने के बावजूद कंपनी ने किटनाशकों की फवारणी व धुवारणी के काम शुरू नहीं किए है. परिणामस्वरूप मच्छरों का प्रादुर्भाव काफी अधिक बढ गया है और नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर स्थिती काफी हद तक खतरनाक बनती जा रही है. जिसके चलते शहर में डेंग्यू व मलेरिया के मरीजों में वृध्दी होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए अब महानगरपालिका को खुद अपनी यंत्रणा के जरीए फॉगिंग व स्प्रिकिंग का काम करना पड रहा है. जिसके लिए स्वतंत्र तौर पर मशिनरी खरिदने का निर्णय भी मनपा प्रशासन द्वारा लिए जाने की जानकारी है. जिसे देखते हुए सवाल पुछा जा रहा है कि, करोडों रूपयों का स्वच्छता ठेका देने के बाद भी मनपा अपनी जेब से फॉगिंग व स्प्रिकिंग हेतु पैसा खर्च करते हुए कोणार्क कंपनी पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रही है.
* कुछ प्रभागों में फॉगिंग शुरू
विगत दो दिनों से मनपा प्रशासन द्वारा खुद होकर शहर के अलग-अलग रिहायशी क्षेत्रों में फॉगिंग का काम शुरू कर दिया गया और अगले एक-दो दिनों के दौरान स्प्रिकिंग का काम भी शुरू किया जाएगा.
– डॉ. अजय जाधव
स्वास्थ्य अधिकारी (स्वच्छता)
अमरावती महानगरपालिका
* स्वतंत्र निविदा का प्रयास, पर मामला लटका
फॉगिंग व स्प्रिकिंग के लिए मनपा ने इससे पहले स्वतंत्र निविदा जारी करने का निर्णय लिया था. जिसके लिए प्रक्रिया भी शुरू होनेवाली थी. परंतु मनपा की आमसभा में नगरसेवकों ने इसका विरोध करते हुए यह जिम्मेदारी कोणार्क कंपनी को ही देने की मांग की थी. हालांकि इसके बावजूद भी इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ. जिसके चलते बारिश का मौसम शुरू होने के बावजूद शहर में फॉगिंग व स्प्रिकिंग का काम अधर में लटका पडा है.
* विभागीय जांच अब भी शुरू नहीं हुई
विधानमंडल के पावस सत्र के दौरान विधायक संजय खोडके व धिरज लिंगाडे ने अमरावती महानगरपालिका के सफाई ठेके में हुई अनियमितता व गडबडी का मुद्दा उपस्थित किया था. उस समय कोणार्क कंपनी के कामकाज की विभागीय आयुक्त के मार्फत जांच करने की घोषणा की गई थी और 90 दिन के भीतर जांच की रिपोर्ट सरकार के समक्ष पेश करने के निर्देश भी दिया गया था. परंतु इस मामले में अब तक कोई भी विभागीय जांच शुरू नहीं होने की जानकारी सामने आयी है.

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