आखिरकार नेकॉफ को ही मनुष्यबल आपूर्ति का ठेका

स्थायी समिति की बैठक में दी मंजूरी

* जल्द होगा करारनामा
* छिडकाव और फॉगिंग की जिम्मेदारी मनपा के पास ही रहेगी
अमरावती/दि.29- पिछले कही दिनों से मनपा के गलियारों में चल रही विभिन्न चर्चाओं पर आखिरकार स्थायी समिति के एक निर्णय से विराम लग गया. मनपा को बाहरी स्त्रोतों के माध्यम से ठेका आधार पर मनुष्यबल उपलब्ध कराने के लिए नेकॉफ इंडिया लिमिटेड संस्था को ठेका देने पर मुहर लगा दी गई है. मंगलवार 28 अप्रैल को हुई स्थायी समिति की बैठक में इसे मंजूरी दी गई. दूसरी और, 61 करोड रूपए का यह तीन वर्ष का ठेका है और इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय में लडाई चल रही है. इसके अलावा शहर में छिडकाव फॉगिंग प्रक्रिया की जिम्मेदारी मनपा के पास ही रहेगी.
मनपा के स्व.सुदाम काका देशमुख सभागृह में मंगलवार, 28 जुलाई को मनपा की स्थायी समिति की बैठक का आयोजन सभापती अविनाश मार्डीकर की अध्यक्षता में किया गया था. बैठक में मनुष्यबल उपलब्ध कराने के ठेके को प्रशासनिक मंजूरी देकर करारनामा करने की मंजूरी देने का विषय प्रशासन की ओर से रखा गया. स्थायी समिति ने विस्तार से चर्चा के बाद करारनामा करने को मंजूरी प्रदान की. बाहरी ऐजंसी के माध्यम से ठेका आधार पर कर्मचारियों की आपूर्ति करनेवाली संस्थाओं के ठेके की अवधी समाप्त होने के कारण नए ठेकेदार संस्था के लिए प्रशासन की और से निविदा प्रक्रिया की गई थी. तीन वर्षो के लिए 675 कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए 51 करोड रूपए की मूल निविदा थी, जो जीएसटी सहित 61 करोड रूपयों तक पहुंच गई है. इस ठेके के लिए प्रशासकीय राज में निविदा प्रक्रिया की गई थी. हालाकि, स्थायी समिति की मंजूरी नहीं होने के कारण करारनामा नहीं हुआ था. अब करारनामा करने के लिए प्रशासन ने स्थायी समिति की मंजूरी मांगी थी.

* कोर्ट में मामला, फिर भी चर्चा
इस बीच इस स्पर्धा में शामिल एक प्रतियोगी ने न्यायालय में चुनौती दी है. इस पर भी समिति की बैठक में चर्चा हुई. हालाकि, न्यायालय ने स्थगन आदेश नहीं दिया है और याचिकीकर्ता महानगरपालिका नहीं है, इसलिए करारनामा करने में कोई अडचन नहीं है ऐसा सभापती अविनाश मार्डीकर ने स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि, मनुष्यबल आपूर्ति ठेके के मामले में सुप्रिम कोर्ट ने स्थगन नहीं दिया है. इसके अलावा मनपा इसके विरोध में न्यायालय में नहीं गई है. उच्च न्यायालय ने संबंधित संस्था को ठेका देने के संबंध में मनपा प्रशासन द्बारा की गई निविदा प्रक्रिया को उचित ठहराया है. उसी आधार पर करारनामा करने को मंजूरी प्रदान की गई है.
कोणार्क को स्थगन
महानगर पालिका के जोन क्रं.2 राजापेठ, जोन क्रं. 4 बडनेरा और जोन क्रं.5 भाजीबाजार में दैनिक घनकचरा संकलन, परिवहन और स्वच्छता के कामों को कार्योत्तर प्रशासनिक मंजूरी देने का विषय स्थायी समिति ने स्थगित रखा है. इस संदर्भ में अध्ययन समिति द्बारा की गई सिफारिशों के अनुसार इन जोन में काम किया जा रहा है, या नहीं, इसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश स्थायी समिति ने प्रशासन को दिए है. यह रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसकी जांच कर मंजूरी देने का निर्णय लिया जाएगा, ऐसा स्थायी समिति सभापती अविनाश मार्डीकर ने बताया.

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