शुद्ध दूध का मिलेगा बेहतर दाम, सब्सिडी पर मिलेंगी गाय-भैंस

मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना से युवाओं और किसानों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने का अवसर

* 75% तक अनुदान
अमरावती/दि.3– दूध में मिलावट के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बीच अब राज्य सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना युवाओं और किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय का सुनहरा अवसर लेकर आई है. योजना के तहत कम पूंजी में आधुनिक डेयरी शुरू करने के लिए 50 से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी. इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दूध के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा.
पशुसंवर्धन विभाग के अनुसार योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पांच दुधारू गाय या भैंसों का समूह, पशुशाला, तीन वर्ष का बीमा तथा आधुनिक डेयरी उपकरणों सहित 11.35 लाख रुपये की परियोजना उपलब्ध कराई जाएगी. एफफडीए की मिलावट विरोधी मुहिम के बाद शुद्ध दूध की मांग बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में सरकार का मानना है कि डेयरी व्यवसाय किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए आय का मजबूत विकल्प बन सकता है.

* क्या है योजना?
मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना, आधुनिक डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी सहायता, पांच दुधारू गाय या भैंस का यूनिट, कुल परियोजना लागत 11.35 लाख रुपये.

* क्या-क्या मिलेगा?
5 दुधारू गाय/भैंस, पशुशाला (शेड), 3 वर्ष का पशु बीमा, आधुनिक डेयरी उपकरण.

* कितनी मिलेगी सब्सिडी?
– सामान्य वर्ग : 50% अनुदान
– अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति : 75% तक अनुदान
– महिलाओं के लिए 30% आरक्षण
– दिव्यांगों के लिए 5% आरक्षण

* कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र पशुपालकों एवं किसानों को पशुसंवर्धन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा.

* आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड, 7/12 उतारा, 8-ए उतारा, बैंक पासबुक, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) और निवास प्रमाणपत्र.

* क्यों है यह योजना खास?
– खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन.
– ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर.
– शुद्ध दूध उत्पादन को बढ़ावा.
– गांवों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि.
– आधुनिक डेयरी तकनीक को प्रोत्साहन.
– जब सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान देकर आधुनिक डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा दे रही है, तो क्या इससे मिलावटी दूध पर अंकुश लगेगा और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे?

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