जीम ट्रेनर निकला एमडी तस्कर साहिल मेहरा
इंस्टाग्राम रील से ढूंढा राजस्थान का ड्रग नेटवर्क

* अमरावती में हाई-प्रोफाइल ग्राहकों की तलाश में पुलिस
* राजापेठ पुलिस के दल को राजस्थान से बडी सफलता मिलने की उम्मीद
* पुलिस ने पब, बार और जीम में जाने वाले युवाओं पर किया ध्यान केंद्रीत
अमरावती /दि.4- अमरावती में 277 ग्राम एमडी ड्रग्स की बरामदगी के बाद राजापेठ पुलिस की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. मामले का मुख्य आरोपी साहिल मेहरा, जो पेशे से जीम ट्रेनर है, पूछताछ में कई अहम जानकारियां दे रहा है. जांच में सामने आया है कि वह राजस्थान के जालोर जिले से एमडी मंगवाता था और सप्लायरों तक पहुंचने के लिए उसने इंस्टाग्राम रील्स का सहारा लिया था. अब राजापेठ पुलिस की एक विशेष टीम राजस्थान पहुंच चुकी है और वहां से बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
* 277 ग्राम एमडी के साथ हुआ था गिरफ्तार
1 अगस्त की रात राजापेठ थाना प्रभारी संदीप चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साई नगर स्थित साई हेरिटेज परिसर में छापा मारकर साहिल मेहरा को 277 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था. मामले की जांच के दौरान ऑनलाइन पैसों के लेन-देन में कथित भूमिका सामने आने पर मेडिकल संचालक तेजस कालबांडे को भी हिरासत में लिया गया. दोनों आरोपियों को अदालत ने 7 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा है.
* पुराने एमडी गिरोह से जुड़ा था साहिल
पुलिस जांच में सामने आया कि साहिल मेहरा मूल रूप से मोर्शी का निवासी है और अमरावती में जीम ट्रेनर के रूप में काम करता था. इसी दौरान उसकी पहचान एमडी तस्कर महेश खोडे से हुई. बताया जाता है कि खोडे के संपर्क में आने के बाद साहिल ने ड्रग्स के धंधे में होने वाले भारी मुनाफे को देखा और खुद इस कारोबार में उतर गया. गौरतलब है कि जब संदीप चव्हाण अपराध शाखा में निरीक्षक थे, तब उन्होंने साई नगर के बेनाम चौक स्थित महेश खोडे की कैंटीन पर छापा मारकर एमडी जब्त की थी. उस कार्रवाई के बाद कई आरोपी फरार हो गए थे, जिनमें साहिल मेहरा भी शामिल था. राजापेठ थाने का प्रभार संभालने के बाद चव्हाण ने फरार साहिल की तलाश दोबारा शुरू की और आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.
* नागपुर में मिला धोखा, फिर इंस्टाग्राम से मिला राजस्थान का नेटवर्क
पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में वह नागपुर से एमडी खरीदता था, लेकिन वहां उसे कई बार धोखा मिला. कभी पैसे लेने के बाद माल नहीं मिला तो कभी मिलावटी ड्रग्स थमा दिए गए. इससे नुकसान होने पर उसने सोशल मीडिया के जरिए नए सप्लायरों की तलाश शुरू की. जांच में सामने आया कि साहिल ने इंस्टाग्राम रील्स पर ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी तलाशते हुए राजस्थान के जालोर जिले तक पहुंच बनाई. इसके बाद वह वहीं से लगातार एमडी मंगाने लगा.
* राजस्थान रवाना हुई पुलिस टीम, बड़े नेटवर्क का शक
राजापेठ पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी संदीप चव्हाण को पहले से राजस्थान के ड्रग नेटवर्क की जानकारी है. अपराध शाखा में रहते हुए वे पहले भी राजस्थान जाकर एमडी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं. इसी अनुभव के आधार पर अब उनके नेतृत्व में गठित विशेष टीम जालोर पहुंची है. सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई में बड़े ड्रग सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है.
* जीम, पब और बार बने जांच के केंद्र
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि साहिल मेहरा अमरावती के जीम, पब और बार में आने वाले युवाओं को एमडी की सप्लाई तो नहीं करता था. चूंकि वह खुद जीम ट्रेनर था, इसलिए उसके संपर्क में बड़ी संख्या में युवा रहते थे. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं उसके ग्राहक हाई-प्रोफाइल लोग, कारोबारी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति तो नहीं थे.
* ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और स्थायी ग्राहकों की भी जांच
पुलिस मेडिकल संचालक तेजस कालबांडे की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन पैसों का लेन-देन कैसे किया जाता था, किन-किन लोगों से संपर्क था और ड्रग्स खरीदने वालों तक पैसा किस माध्यम से पहुंचता था. पुलिस का मानना है कि साहिल पिछले करीब डेढ़ वर्ष से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था. ऐसे में उसके स्थायी ग्राहकों का बड़ा नेटवर्क होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसी वजह से राजापेठ पुलिस पब, बार, जीम और अन्य संभावित स्थानों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखे हुए है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और राजस्थान से मिलने वाली जानकारी के आधार पर इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे हो सकते हैं.





