मालमत्ता कर वसूली में तेजी लाएं, लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रभावी योजना बनाएं
निगमायुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले के निर्देश

* बड़े बकायेदारों पर विशेष अभियान चलाने और ऑनलाइन कर भुगतान को बढ़ावा देने के निर्देश
अमरावती/दि.5- अमरावती मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने मंगलवार को संपत्ति कर विभाग की समीक्षा बैठक लेकर चालू वित्तीय वर्ष की कर वसूली की प्रगति का विस्तृत आकलन किया. बैठक में संपत्ति कर वसूली की स्थिति, विभागवार लक्ष्य, लंबित बकाया, बड़े करदाताओं से वसूली तथा राजस्व बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई.
आयुक्त ने कहा कि संपत्ति कर मनपा के राजस्व का प्रमुख स्रोत है, इसलिए निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख तरीके से कार्य करना होगा. उन्होंने प्रत्येक विभाग को दैनिक और साप्ताहिक वसूली लक्ष्य तय कर उसकी नियमित समीक्षा करने तथा अपने-अपने क्षेत्र में लंबित बकाया पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. बैठक में अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख, उपायुक्त भाग्यश्री बोरेकर, मुख्य लेखाधिकारी शिल्पा पवार, सहायक नगर रचना अधिकारी वैशाली गाठे, सहायक आयुक्त नंदकिशोर तिखिले, भूषण पुसतकर, नितीन बोबडे, धनंजय शिंदे, मनोज शहाळे, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी नर्मदा चव्हाण, प्रविण ठाकरे, अतिक्रमण पथक प्रमुख अजय बनसेले, हरीश संतोसिया सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
* बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
डॉ. गोंदावले ने बड़े बकायेदारों से कर वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने, संबंधित लोगों से व्यक्तिगत संपर्क करने, नोटिस जारी करने और नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए. आवश्यकता पड़ने पर महानगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को भी कहा. लंबे समय से बकाया मामलों की अलग सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर वसूली करने के निर्देश भी दिए गए.
* ऑनलाइन कर भुगतान को मिलेगा बढ़ावा
आयुक्त ने नागरिकों के लिए कर भुगतान को आसान बनाने हेतु ऑनलाइन सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ सकारात्मक संवाद बढ़ाकर कर भुगतान के प्रति विश्वास का वातावरण तैयार किया जाए.
* डिजिटल रिकॉर्ड और नई संपत्तियों पर रहेगा फोकस
बैठक में अधिकारियों ने विभागवार कर वसूली, लंबित मामलों, पिछले वर्ष की तुलना में प्रगति तथा राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर प्रस्तुति दी. आयुक्त ने अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. साथ ही संपत्ति कर अभिलेखों को अद्यतन रखने, नई निर्मित संपत्तियों को कर दायरे में शामिल करने तथा संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर भी जोर दिया.





